रसूलाबाद निवासी ट्रक चालक अरविंद की पत्नी विनीता (35) मंगलवार की दोपहर घर में खाना बना रही थी, तभी अचानक गैस बंद हो गई। काफी प्रयास के बाद भी जब चूल्हा नहीं जला तो विनीता घरवालों को बुलाने चली गई। विनीता के मुताबिक, कुछ देर बाद वह अपनी देवरानी विमलेश (30) पत्नी निरंजन और जेठानी चंद्र कुंवर (40) पत्नी सुल्तान को लेकर वापस कमरे से जुड़ी रसोई में पहुंची तो वहां मौजूद बेटे नीतेश (10) ने अचानक माचिस जला दी। माचिस के जलते ही रसोई से आग का गोला फटा और चीख पुकार मच गई।
आग की चपेट में आकर तीनों महिलाएं, नीतेश व विनीता के तीन और बच्चे गुल्ला (6) प्रांशी (5), नीशू (13) भी आ गए। कमरे से धुंआ उठते देख और भीतर से आ रही चीख पुकार सुनकर विनीता की सास रामश्री (60) पत्नी मलखान भी भीतर दाखिल हुईं तो वो भी लपटों से घिर गई। पास पड़ोस के कुछ लोग भीतर घुसे लेकिन आग से घिरे सिलिंडर को देख बाहर की तरफ भागे। लेकिन एक पड़ोसी सुमित बच्चों को बचाने के प्रयास में आग की लपटों में घुसा और बच्चों को बाहर निकालने का प्रयास किया जिससे वो भी झुलस गया।
आनन फानन में पुलिस और दमकल को घटना की जानकारी दी गई। तब तक ग्रामीणों ने ही आग पर पानी डालकर बुझाना शुरू कर दिया। पुलिस ने मौके पर पहुंचते ही महिलाओं और बच्चों को बाहर निकालना शुरू किया। कुछ देर बाद दमकल भी पहुंच गई और आग पर काबू किया गया। सभी घायलों को आसपास के लोगों ने किसी तरह प्राइवेट वाहन कर जिला अस्पताल पहुंचाया। पड़ोसियों के मुताबिक, हादसे के वक्त अरविंद के घर पर कोई पुरुष नहीं था। अरविंद ट्रक लेकर बाहर गया था और दोनों भाई खेतों पर और पिता रिश्तेदारी में गए थे। आग से लगभग डेढ़ लाख के नुकसान का अनुमान है।