कालपी। मशीन में वेल्डिंग करते समय निकली चिंगारी से कागज फैक्टरी में रखे गूदड़ (कागज बनाने की कच्ची सामग्री) ने आग पकड़ ली। देखते ही देखते आग ने पूरी फैक्टरी को अपनी चपेट में ले लिया। काम कर रहे मजदूर किसी तरह निकलकर बाहर भागे। सूचना पर पहुंचे दमकल कर्मियों ने कई घंटों बाद आग पर काबू पाया। लेकिन तब तक फैक्टरी में रखा सामान व मशीनें जलकर राख हो गईं। कागज उद्यमी ने बताया कि आग से करीब 15 लाख रुपये का नुकसान हुआ है।
कालपी कस्बे के तहसील के पास स्थित फैक्टरी एरिया में उद्यमी राज नारायण वर्मा की कागज फैक्टरी है। एक मशीन खराब होने पर वेल्डिंग की जा रही थी। इसी दौरान एक चिंगारी पास में रखे गूदड़ में गिर गई। इससे आग ने विकराल रूप धारण कर लिया। फैक्टरी में मौजूद मजदूरों ने दमकल कर्मियों को सूचना देकर पानी डालकर आग बुझाना शुरू किया। थोड़ी देर में ही दमकल आ गई।
दमकल कर्मियों ने आग बुझाना शुरू किया। पानी खत्म हो जाने पर पानी नहीं मिला। तभी दूसरी गाड़ी आ गई और कुछ देर बाद उसका पानी खत्म हो गया। इससे आग ने पूरी फैक्टरी को अपनी चपेट में ले लिया। घंटों की मशक्कत के बाद दमकल कमियों ने आग पर काबू पाया। तब आसपास के लोगों ने राहत की सांस ली।
फैक्टरी मालिक राजनारायण वर्मा ने बताया कि आग से आठ टन कच्चा माल, तैयार कागज सहित फैक्टरी की मशीनें जल गई हैं। आग से उसका करीब 15 लाख का नुकसान हुआ है। कागज निर्माता संघ के अध्यक्ष नरेंद्र कुमार तिवारी ने बताया कि आग से फैक्टरी पूरी तरह से तबाह हो गई है। इसकी भरपाई के लिए संघ प्रशासनिक अफसरों से मदद कराने की गुहार लगाएंगे।
कच्चा माल बचाने के लिए गीला करते रहे मजदूर
कालपी। जैसे ही फैक्टरी में आग लगी तो खलबली मच गई। सभी मजदूर बाहर निकल आए। फैक्टरी में भारी संख्या में कच्चा माल रखा हुआ था। कुछ माल जल रहा था, तो कुछ माल को बचाने के लिए मजदूर उसमें पानी डालने लगे, इससे कुछ माल तो बच गया। लेकिन अधिकतर माल जल गया।
परिसर में लगा नलकूप भी नहीं आया काम
जिला उद्योग केंद्र द्वारा फैक्टरी एरिया के बीच एक नलकूप स्थापित किया गया है। जो आपात स्थिति में उद्यमियों के काम आ सके। लेकिन ऐसा नही हो सका और नलकूप में हाईडेंट न लगा होने से अग्निशमन विभाग की गाडी पानी नहीं ले सकी और कागज फैक्टरी जलकर राख हो गई।