उरई। शहर की सीमा विस्तार की प्रक्रिया अब अंतिम दौर में पहुंच गई है। शासन ने जिलाधिकारी से अंतिम आपत्तियां मांगी हैं। साथ ही स्पष्ट किया है कि यदि कोई आपत्ति हो तो उसे तत्काल शासन को अवगत कराया जाए, अन्यथा घोषणा की जाएगी।
प्रमुख अनु सचिव रविंद्र सिंह ने यह पत्र 17 जुलाई को डीएम राजेश कुमार पांडेय को भेजा है। पालिकाध्यक्ष गिरिजा चौधरी के अनुसार अब तक किसी ने आपत्ति दर्ज नहीं की है। इससे प्रस्ताव के शीघ्र पारित होने की संभावना बढ़ गई है। सीमा विस्तार की मांग को लेकर पालिकाध्यक्ष व विधायक लंबे समय से प्रयासरत रहे हैं। करीब एक माह पहले पालिकाध्यक्ष ने मुख्यमंत्री से मिलकर इस मांग को उठाया था।
खास बात यह है कि इस प्रक्रिया में किसी गांव की प्रधानी समाप्त नहीं होगी, जिससे विरोध की आशंका कम है। शासन स्तर पर पूरे प्रदेश में चार से पांच नगर पालिकाओं का सीमा विस्तार प्रस्तावित है। उरई में केवल नगर के आसपास की घनी बस्तियों को शामिल किया जा रहा है, जिससे प्रक्रिया तेजी से पूरी होने की संभावना है।
25 से 30 उपेक्षित बस्तियों को नगर सुविधाएं मिलने की उम्मीद
सीमा विस्तार में जिन क्षेत्रों को शामिल किया जा रहा है उनमें फैक्टरी एरिया, करसान रोड की नई बस्ती, कांशीराम कॉलोनी, झांसी रोड पर रिनिया फाटक तक की बस्ती, मुहम्मदाबाद रोड की घनी आबादी, जालौन रोड पर आरटीआई तक और चुर्खी रोड की बस्तियां प्रमुख हैं। इन बस्तियों में अब तक न तो ग्राम पंचायत और न ही पालिका द्वारा कोई ठोस विकास कार्य हुआ। सड़क, जल, सफाई जैसी मूलभूत सुविधाओं की भारी कमी के चलते वर्षों से यह इलाके उपेक्षित थे। अब सीमा विस्तार के बाद यहां नगर पालिका की सुविधाएं पहुंचने की उम्मीद है।
राजस्व में इजाफा, विकास बन सकता है चुनौती
सीमा विस्तार के बाद नगर पालिका क्षेत्र में लगभग एक लाख की नई आबादी और करीब 11 से 12 हजार नए मकान, 20 हजार प्लॉट, दुकानें, फैक्टरियां, विद्युत गृह और कार्यालय शामिल होंगे। इससे टैक्स के रूप में पालिका की आय में अनुमानत एक करोड़ रुपये की सालाना बढ़ोतरी होगी। हालांकि, नई आबादी के विकास के लिए 500-600 नई सड़कों, 15-16 नलकूप, एक हजार किमी पाइपलाइन, 10 हजार स्ट्रीट लाइट और 20 कूड़ा गाड़ियों जैसी व्यवस्थाएं करनी होंगी। अधिकारियों के मुताबिक इसके लिए अरबों रुपये की आवश्यकता होगी, लेकिन बजट मिलने पर कार्यों में कोई बाधा नहीं आएगी।
जिलाधिकारी के लिए शासन से पत्र आया है। सीमा विस्तार को लेकर अंतिम आपत्ति मांगी गई है। उम्मीद है कि जल्द ही इस पर शासन से सकारात्मक खबर मिलेगी।
– राम अचल कुरील, अधिशासी अधिकारी, नगर पालिका