जालौन/सरावन। परिजनों के साथ कार से बेटी का शव गांव भेजकर बाइक से घर आ रहे पिता की सड़क हादसे में मौत हो गई। पिता की बाइक अन्ना मवेशी से टकरा गई, जिससे वह सड़क पर गिरकर लहूलुहान हो गए। काफी देर तक मौके पर ही लहूलुहान हालत में पड़े रहने से उन्होंने दम तोड़ दिया। फिर उधर से निकले राहगीरों की सूचना पर पहुंची पुलिस ने पिता का शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पुलिस का कहना है कि बाइक सवार हेलमेट नहीं लगाए था, जिससे सड़क पर गिरने से उसके सिर में गंभीर चोटें आईं थीं। वहीं बेटी व पिता की मौतों की सूचना पर घर में रोना-पीटना मच गया।
गोहन थाना क्षेत्र के ग्राम जैतापुरा निवासी निहाल खां (55) पुत्र वशीर खां की 23 वर्षीय पुत्री रोशन लंबे समय से बीमार चल रही थी। उसका एक प्राइवेट चिकित्सालय में उपचार चल रहा था। बार-बार आने जाने से परेशान पिता निहाल खां लगभग एक सप्ताह पूर्व अपनी बेटी के साथ मोहल्ला तोपखाना में ही किराए पर मकान लेकर रहने लगा था। गुरुवार देर रात ब्रेन हैमरेज होने पर रोशन की अस्पताल में मौत हो गई। गमगीन पिता ने पुत्री के शव के साथ अन्य परिजनों को कार में बैठाकर गांव भेज दिया और खुद पीछे बाइक से घर के लिए चल दिए। गुरुवार सुबह करीब पांच बजे चुंगी नंबर 4 के पास निहाल की बाइक अन्ना मवेशी से टकरा गई। जिससे वह बाइक समेत सड़क पर गिरकर गंभीर रूप से घायल हो गए।
हेलमेट न पहने होने की वजह से उनके सिर में गंभीर चोटें आईं और सिर से लगातार खून बहता रहा। काफी देर तक उधर से कोई राहगीर नहीं गुजरा तो अत्यधिक खून बहने के कारण उनकी घटनास्थल पर ही मौत हो गई। बाद में उधर से निकले राहगीरों ने पुलिस को सूचना दी। सूचना पाकर पहुंची पुलिस ने निहाल को चिकित्सालय में पहुंचाया जहां उन्हें मृत घोषित कर दिया गया। जिसके बाद पुलिस ने शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। वहीं बेटी रोशन का शव पहुंचने के कुछ देर बाद ही निहाल के मौत की भी खबर घर पहुंची तो पूरे मोहल्ले में कोहराम मच गया।
बेटी और पति की मौत से पत्नी बेसुध
निहाल की पत्नी मुस्तकीम को तो देर शाम तक होश ही आता जाता रहा। निहाल के दोनों बेटे कसीम खां (20) और असीम (18) बड़ी मुश्किल से मां को संभाल रहे थे। घर के दरवाजे पर देर शाम तक बेटी और पिता के शव आसपास रखे होने से लोगों की आंखें नम हो रही थीं। परिजनों ने बताया कि निहाल अपनी बेटी को बहुत प्यार करते थे। उसकी बीमारी को लेकर काफी परेशान भी रहते थे। जालौन में इलाज से फायदा भी हो रहा था लेकिन अचानक ब्रेन हेमरेज होने से बेटी दुनिया छोड़ गई। निहाल के पास दो बीघा जमीन थी, वह उसी में खेती कर परिवार की गुजर बसर करता था।
निहाल की फाइल फोटो- फोटो : ORAI