फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

मौसम का रुख देख, किसान मायूस, तुड़वा रहे मटर

विज्ञापन
विज्ञापन
मुहम्मदाबाद। बारिश और ओलावृष्टि ने मटर की ज्यादातर फसल बर्बाद कर दी है। बची मटर की फलियों को किसान तुड़वाने में जुट गए हैं। खेतों में ज्यादा नमी होने से पौधे भी पीले पड़ने लगे हैं। खेत में भरे पानी में फलियां भीगने से दाना भी खराब होने लगा है।
विज्ञापन

बुंदेलखंड में बहुतायत में मटर की खेती होती है। मटर के बाद ज्यादातर किसान गेहूं की बुवाई करते हैं। बारिश के पहले तक खूब मटर होने लगी थी। बाजार में भाव 25 से 30 रुपये किलो चल रहा था। कानपुर, लखनऊ, मेरठ समेत कई जगह के व्यापारी खेतों पर ही मटर लेते पहुंच रहे थे। लगातार कई दिन बारिश के बाद ओलावृष्टि ने फसल बर्बाद कर दी है। ओले पड़ने से फलियां दागी भी हो गई हैं।
डकोर क्षेत्र के मुहम्मदाबाद गांव में नसीर खां ने बताया कि आठ बीघे में अर्किल मटर की बुवाई की थी। बारिश और ओलावृष्टि से फसल खराब हो गई। अभी मौसम साफ होने की उम्मीद नहीं दिख रही है। इससे गीले खेतों में ही मजदूर लगाकर मटर तुड़वा रहे हैं।
विज्ञापन

किसान नसीर की पत्नी भूरी सितारा खेेत में मिट्टी में साफ कर रही थीं। नसीर ने बताया कि खेत में पानी भरा होने से फलियां खराब होने की आशंका है। इससे मिट्टी गीली होने के बावजूद तुड़ाई करवा रहे हैं। मटर दागी हो गई है, इससे भाव कम मिलेगा। कुसमिलिया, मुहाना, बड़ागांव, कैथेंरी, नुनसाई, रिनियां गांवों के किसान भी मटर तुड़वाने में जुटे हैं।
माधौगढ़। चार दिन से हो रही बारिश का पानी खेतों में भर गया है। इससे मटर, अरहर की फसल सड़ने लगी है। किसान कृष्णपाल सिंह, इंद्रजीत सिंह ने बताया कि पानी से मटर की फसल खराब हो गई है। अरहर की फलियां भी खराब हो रहीं हैं। अगर जल्द मौसम साफ नहीं हुआ तो फसलें चौपट हो जाएंगी। (संवाद)
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें