माधौगढ़। बजट जारी होने के बाद भी विभाग ने काम शुरू नहीं किया है। इससे लोगों को बारिश के मौसम में जलभराव की समस्या से जूझना पड़ेगा। लोगों का कहना है कि हर साल की तरह इस बार भी चार वार्डों सहित तहसील परिसर में जलभराव की गंभीर समस्या जस की तस बनी हुई है। हालात ऐसे हो जाते हैं कि कई इलाकों में घुटनों तक पानी भर जाता है, जिससे आम जनजीवन पूरी तरह प्रभावित हो जाता है।
जल निकासी की इस पुरानी समस्या के समाधान के लिए शासन ने संपवेल योजना के अंतर्गत 1 करोड़ 75 लाख 50 हजार रुपये की स्वीकृति दी थी। करीब एक वर्ष पूर्व 88 लाख रुपये की धनराशि कार्यदायी संस्था को अवमुक्त भी कर दी गई लेकिन हैरानी की बात यह है कि अब तक योजना का कार्य शुरू तक नहीं हो सका है। ऐसे में आने वाली बरसात में करीब सात हजार की आबादी को एक बार फिर जलभराव और बाढ़ जैसी स्थिति का सामना करना पड़ सकता है।
बरसात के दौरान जल निकासी की समुचित व्यवस्था न होने के कारण अंबेडकर नगर, जवाहर नगर, मैथली शरण नगर, उत्तरीय मालवीय नगर समेत तहसील परिसर पूरी तरह पानी से घिर जाता है। कई मोहल्लों में पानी घरों के अंदर तक घुस जाता है, जिससे लोगों का घर से बाहर निकलना तक मुश्किल हो जाता है। सबसे ज्यादा परेशानी बच्चों, बुजुर्गों और बीमार लोगों को झेलनी पड़ती है।
लगातार जलभराव की समस्या से परेशान ग्रामीणों ने कई बार प्रशासन से शिकायत की और तहसील परिसर में विरोध-प्रदर्शन भी किया। इसके बाद शासन ने संपवेल योजना को मंजूरी दी थी। योजना के तहत नाला निर्माण, कस्बे से बाहर तक पाइपलाइन बिछाने और संपवेल (कुआं) निर्माण का प्रावधान है। इस कार्य के लिए सीएनडीएस के माध्यम से उत्तर प्रदेश जल निगम की कार्यदायी संस्था को धनराशि जारी की गई थी लेकिन एक साल बीत जाने के बावजूद काम धरातल पर नहीं उतर सका है। संवाद