उरई (जालौन)। चुनाव प्रचार की तरह ही ईवीएम से वोटों की आंधी मोदी लहर लेकर ऐसी निकली कि सभी जातीय समीकरण धराशायी हो गए। किसी भी सीट पर भाजपा के अलावा कोई दल टिकता नजर नहीं आया। 219 उरई सीट पर पहली बार एतिहासिक जीत दर्ज की। भाजपा प्रत्याशी गौरीशंकर वर्मा 78511 वोट से चुनाव जीते। जबकि कांग्रेस-सपा गठबंधन से महेंद्र कठेरिया (सपा) दूसरे स्थान और बसपा के विजय चौधरी तीसरे स्थान पर रहे। इसी तरह 221 कालपी विधानसभा से नरेंद्र सिंह जादौन ने 50335 वोटों से जीत हासिल कर विरोधियों के पसीने छुड़ा दिए। यहां भी बसपा और कांग्रेस भाजपा के कहीं आसपास भी नहीं दिखी। समाचार लिखे जाने तक 220 माधौगढ़ सीट से भी भाजपा के प्रत्याशी मूलचंद्र निरंजन को एक लाख आठ हजार 479 वोट मिले। दूसरे स्थान पर बसपा के गिरीश अवस्थी 62578 और तीसरे पर गठबंधन से कांग्रेस प्रत्याशी विनोद चतुर्वेदी को 46437 मत मिले। इस तरह से भाजपा प्रत्याशी 45895 वोटों से जीत गए।
चुनाव की शुरुआत में जनपद में जातीय समीकरण हावी नजर आ रहे थे। सभी दल जातियों को जोड़ने वाले उम्मीदवारों को ही मैदान में उतारा। चुनाव प्रचार में भी जातियों को जोड़ने में ही जोर दिया गया। न कोई विकास की बात थी और न ही प्रत्याशियों के चेहरों को तवज्जो दी जा रही थी। यही वजह थी कि जब मदरसे की जमीन से मोदी दहाडे़ तो सारे जातीय समीकरण ध्वस्त हो गए। शनिवार को जब ईवीएम से वोटों की गिनती शुरू हुई तो हर राउंड व हर टेबिल पर सिर्फ कमल ही कमल के वोट निकल रहे थे। शाम तक आए नतीजों मेें सबसे बड़ी जीत सुरक्षित सीट उरई विधानसभा से निकलकर भाजपा की झोली में गिरी। यहां से भाजपा प्रत्याशी गौरीशंकर वर्मा ने सपा के महेंद्र कठेरिया को 78511 वोट से पराजित किया। गौरी को 139887 वोट मिले। जबकि महेंद्र को 61376 वोट ही मिल सके।
तीसरे स्थान पर बसपा के विजय चौधरी को 57092 मत हासिल हुए। इसी तरह कालपी विधानसभा में भी भाजपा के नरेंद्र सिंह जादौन, बसपा के छोटे सिंह चौहान और कांग्रेस से सिटिंग विधायक उमाकांती सिंह मैदान में थे। तीनों क्षत्रिय प्रत्याशियों में कांटे की टक्कर मानी जा रही थी, लेकिन जब ईवीएम ने वोट निकालने शुरू किए तो भाजपा के नरेंद्र के सामने कोई दूर-दूर तक नजर नहीं आया। नरेंद्र सिंह जादौन को 104074 वोट मिले। दूसरे स्थान पर बसपा के छोटे सिंह को 53739 वोट मिले। जबकि सिटिंग विधायक उमाकांती को 51966 वोटों से ही संतोष करना पड़ा। 220 माधौगढ़ सीट पर भी जातीय समीकरणों के तहत बसपा ने गिरीश अवस्थी, कांग्रेस ने विनोद चतुर्वेदी और भाजपा ने मूलचंद्र निरंजन को अपना प्रत्याशी बनाया था। यहां पर दलितों, ब्राहम्णों और मुस्लिम मतों में सेंध लगाने का काम 23 फरवरी मतदान के दिन तक चला। शनिवार को जब गल्ला मंडी में वोटों की गिनती हुई तो खबर लिखे जाने तक भाजपा के मूलचंद्र निरंजन बसपा के गिरीश अवस्थी से 45895 वोटों से जीत गए। भाजपा प्रत्याशी को हर जात के लोगों ने अपना समर्थन दिया।