स्वयंसेवी दादा दादी क्लब एवं घुमंतू हसंतू क्लब कालपी के तत्वावधान में स्व. कामेश्वर दयाल श्रीवास्तव की स्मृति में आयोजित काव्य सम्मेलन में आए कवियों व शायरों ने रचनाएं सुनाकर रात भर समां बांधे रखा। मुख्य अतिथि नगर पालिका अध्यक्ष कमर अहमद ने कहा कि नगर मेें सांप्रदायिक सौहार्द की गौरवशाली परंपरा रही है।
उन्होंने कहा कि सांस्कृतिक समारोह से लोगों में मेल मोहब्बत व प्रेम की भावना बढ़ती है, इसलिए हम सभी लोग ऐसे आयोजन करकेे एकता व भाईचारे का पैगाम लोगों तक पहुंचाएं। इस अवसर पर कार्यक्रम का शुभारंभ करते हुए कवयित्री नीलम कश्यप ने अपने अंदाज में सुनाकर श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया।
तेरी आंखें दो थिरकते जाम हैं, देखने वाले उमर खयाम है, जिंदगी हारे तुम्हारे लिए, जितनी सांसें हैं तुम्हारे नाम हैं। सम्मेलन का संचालन कवि रविंद्र शर्मा ने किया। के के अग्निहोत्री, पीयूष नगाइच, नूरी परवीन कानपुर, राजेश पुरवार, शमीम अख्तर, निधि, राजेंद्र आदि ने रचनाएं सुनाकर मंत्रमुग्ध कर दिया।
जयखत्री, विजय गांधी, सलीम अंसारी, उमाशंकर पुरवार, रामचंदर, रामप्रकाश पुरवार आदि मौजूद रहे।