उरई। निजीकरण का विरोध खत्म नहीं हो रहा है। जिले में भी बिजली विभाग के कई संघ और संगठन निजीकरण का विरोध कर रहे हैं और कई बार धरना भी दे चुके हैं। अब झांसी में हुई बैठक के बाद फिर से कर्मचारी विरोध में आ गए हैं। उन्होंने रूपरेखा बनाई है कि पहली जनवरी से वह काली पट्टी बांधकर काम करेंगे।
विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति के जिले के पदाधिकारियों ने बताया कि झांसी में रविवार को बैठक हुई। इसमें कार्पोरेशन प्रबंधन द्वारा दबाकर निजीकरण के लिए कर्मचारियों को निकाला जा रहा है, उस पर चर्चा हुई। जबकि सभी कर्मचारी शांतिपूर्ण ढंग से काम कर ओटीएस योजना में भी प्रगति कर रहे हैं। इसके बाद भी कार्रवाई की जा रही है।
संघर्ष समिति के कर्मचारी परमात्माशरण, राकेश सिंह, देवेंद्र सिंह, महीप सिंह परिहार, मुहम्मद शफीक ने बताया कि करीब 70 लोग झांसी गए थे। वहां से निर्देश मिले हैं कि एक जनवरी से सभी कर्मचारी काम पर रहकर निजीकरण के विरोध में काली पट्टी बांधकर काम करेंगे। इसके लिए जिले में भी रूपरेखा बना ली गई है। बताया कि अभी काली पट्टी बांधकर विरोध दर्ज किया जा रहा है। आगे जो संगठन के निर्देश आएंगे। उसके अनुसार काम होगा।