जिला पतंजलि योग समिति ने रविवार को जीआईसी स्कूल सभागार में संगोष्ठी की। इसमें एक ओर जहां रक्त की कमी को पूरा करने के लिए अधिक से अधिक युवाओं व लोगों को रक्तदान करने को प्रेरित किया गया तो वहीं, दूसरी ओर बिगड़ते पर्यावरण को बचाने पर भी जोर दिया। वक्ताओं ने कहा कि एक व्यक्ति के रक्तदान से चार लोगों की जान बचाई जा सकती है।
वक्ताओं ने रक्तदान, देहदान, स्वदेशी व पर्यावरण पर प्रकाश डाला । इसके पहले मुख्य अतिथि हरिद्वार योग पीठ के केंद्रीय प्रभारी हरिशरण जी ने मां सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण व दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। आयोजक डा. रामप्रकाश द्विवेदी ने कहा कि अक्सर देखा जाता है कि खून की कमी से सड़क दुर्घटना में घायलों की उपचार के दौरान
मौत हो जाती है। इसमे कई बार खून की कमी कारण होती है। इसे दूर करने के लिए सभी की सहभागिता जरूरी है। जिलाध्यक्ष हरिश्चंद्र ने पर्यावरण प्रदूषण की रोकथाम पर बल दिया। कहा कि पेड़ों की कटान लगातार हो रही है। इससे पर्यावरण का संतुलन गड़बड़ा रहा है। ममता स्वर्णकार, रक्तदान प्रभारी इं. राजीव गोयल ने भी संबोधित किया। महेंद्र विक्रम सिंह, प्रेम
वर्मा, मुकेश पाल ने युवाओं से आह्वान किया कि वे ज्यादा से ज्यादा संख्या में संगठन में सहभागिता दर्ज कराएं, ताकि उनमें समाजसेवा के प्रति अलख जाग सके। इस दौरान आलोक खरे
को तहसील उरई का प्रभारी नियुक्त किया गया। वंदना श्रीवास्तव, अरुणा सक्सेना ने योग संबंधी गीत प्रस्तुत कर कार्यक्रम में चार चांद लगा दिए। शरद त्रिपाठी, योगेश, ब्रजेश, अरुण द्विवेदी, नेहा, साधन, एमएस कटियार, देवेंद्र कुमार, अनिल जाटव, प्रीति, स्मिता सिंह, मीनाक्षी, नेहा श्रीवास्तव मौजूद रहे।