फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

अस्पताल की बत्ती गुल होने पर डीएम खफा

Fri, 28 Apr 2017 12:25 AM IST
अमर उजाला जालौन
विज्ञापन
जिला अस्पताल का निरीक्षण करते डीएम। - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन
जिला अस्पताल से आ रही तमाम शिकायतों पर डीएम नरेंद्र शंकर पांडे गुरुवार सुबह आठ बजे ही जिला अस्पताल पहुंच गए। डीएम को देख अस्पताल में हड़कंप मच गया। डीएम ने जिला अस्पताल की ओपीडी, अल्ट्रासाउंड, ब्लड बैंक, इमरजेंसी व वार्डों का निरीक्षण किया। इस दौरान अस्पताल की लाइट जाने से डीएम भड़क गए। उन्होंने अस्पताल की तमाम खामियों पर सीएमएस की फटकार लगाई और जल्द से जल्द व्यवस्थाएं दुरुस्त करने के निर्देश दिए।
विज्ञापन


गुरुवार को डीएम नरेंद्र शंकर पांडे ने अस्पताल का औचक निरीक्षण किया। सबसे पहले वे ओपीडी में पहुंचेे। यहां मरीजों से अस्पताल की सुविधाओं की जानकारी ली। डाक्टरों के बारे में पूछा तो पता चला कि कुछ डॉक्टर समय पर नहीं आते। इस पर उन्होंने ऐसे डाक्टरों को चिह्नित करने के निर्देश दिए। ओपीडी में मौके पर न मिलने वाले तीन डॉक्टरों से स्पष्टीकरण मांगा और तीन दिन में जवाब देने के निर्देश दिए।

इसके बाद ब्लड बैंक का रुख किया। यहां की छोटी-मोटी खामियों को देख जल्द दूर करने के निर्देश दिए। वे अल्ट्रासाउंड और एक्सरे विभाग में पहुंचे तो अल्ट्रासाउंड कक्ष में ताला मिला। मरीजों ने बताया कि अल्ट्रासाउंड के डॉक्टर कभी समय पर नहीं आते है। इस पर डीएम ने अल्ट्रासाउंड करने वाले डाक्टर गौरव का एक दिन का वेतन काटने के निर्देश दिए। निरीक्षण में बर्नवार्ड में एसी बंद होने पर नाराजगी जताई और जल्द चालू करने के निर्देश दिए।
विज्ञापन


वार्डों के निरीक्षण के दौरान अचानक अस्पताल की बिजली चली गई। इससे डीएम खफा हो गए। उन्होंने सीएमएस को जिला अस्पताल की तमाम खामियों को जल्द से जल्द दूर करने के निर्देश दिए। डीएम ने निर्देश दिए कि कोई भी डॉक्टर बाहर की दवाएं न लिखें और समय से ओपीडी में पहुंचे। किसी भी शिकायत पर डॉक्टर के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। डीएम ने जिन तीन डॉक्टरों से स्पष्टीकरण मांगा है, उनमें बच्चों के डॉक्टर विनय अग्रवाल, अस्थि रोग विशेषज्ञ डॉक्टर केके गुप्ता और डॉक्टर डीपी सिंह है।

बीपी नपाकर चेक कराई मशीन
डीएम ने अस्पताल की मशीनों की जांच करने के लिए एक डॉक्टर से अपना ब्लड प्रेशर नपवाया। यह देख आसपास खड़े डॉक्टरों की सिट्टी-पिट्टी गुम हो गई। डीएम ने कहा कि यदि कोई मशीन खराब हो तो उसकी लिखित सूचना दें, तत्काल ठीक कराया जाएगा।  

विकलांग बोला-दवा नहीं, पिटाई होती हैं
अस्पताल के दरवाजे पर बैठे विकलांग मंगल सिंह से जब डीएम ने बात की तो उसने बताया कि साहब पैर में घाव था, डॉक्टर ने खुजली की दवा दे दी। अब घाव और भर गया है। दवा लेने आने पर कर्मचारी पिटाई करते हैं। इस पर डीएम ने फौरन ही मंगल को पट्टी के लिए इमरजेंसी में भेजा।

मरीजों से की बात, रसोई का खाना देखा
निरीक्षण के दौरान डीएम जिला अस्पताल के रसोईघर भी पहुंचे। वहां बन रहे खाने की गुणवत्ता देखी और मेन्यू की जानकारी की। इसके बाद वार्डों में जाकर मरीजों से भी खाने पीने की सुविधा मिलती है कि नहीं, इस बाबत बातचीत की।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें