नवनिर्वाचित जिला पंचायत सदस्यों को पुलिस की सुरक्षा की जरूरत नहीं है।
उन्हें डर है कि पुलिस सुरक्षा के नाम पर उन पर दबाव बना सकती है। राज्य
निर्वाचन आयोग के आदेश पर बुलाई गई जिला निर्वाचन अधिकारी की बैठक में ये
बात सामने आई। सदस्यों ने कहा कि वे पुलिस की सुरक्षा के बगैर ही ठीक हैं।
हालांकि जिलाधिकारी ने सभी सदस्यों को
आश्वासन दिया कि किसी भी सूरत में
कानून का उल्लंघन नहीं होने दिया जाएगा। पुलिस और प्रशासन निष्पक्षता के
साथ चुनाव कराएगी। राज्य निर्वाचन आयोग के निर्देश पर नवनिर्वाचित जिला
पंचायत सदस्यों की सुरक्षा के संबंध में सोमवार को कलेक्ट्रेट में एक बैठक
हुई। इस दौरान जिला निर्वाचन अधिकारी रामगणेश ने कहा कि जिला पंचायत
अध्यक्ष का चुनाव
निष्पक्षता से कराया जाएगा। सदस्य सुरक्षा को लेकर कोई
शंका न रखे। अगर कोई चाहे तो पुलिस की सुरक्षा के लिए आवेदन कर सकता है। इस
पर सदस्यों ने कहा कि हम बिना सुरक्षा के ही ठीक हैं। ये भी कहा कि चुनाव
के दौरान वह घर से बाहर जाते हैं तो पुलिस उनके परिजनों को परेशान न करे।
इस दौरान जिला पंचायत सदस्य रामेंद्र सिंह, पुष्पेंद्र सिंह
सेंगर समेत
अन्य ने कहा कि चुनाव के दौरान सत्ता पक्ष के दबाव में पुलिस उनके परिजनों
को तब परेशान करती है जब वे घर पर नहीं होते। पूर्व के चुनाव में पुलिस ने
कुछ ऐसा ही किया था। इस पर जिला निर्वाचन अधिकारी रामगणेश ने आश्वस्त किया
कि किसी भी सदस्य को कोई परेशान नहीं कर सकता। किसी को कोई आशंका है तो
उसकी सुरक्षा की
जाएगी। इस दौरान अपर पुलिस अधीक्षक शकील अहमद ने भी
सदस्यों को सुरक्षा का भरोसा दिलाया।
बैठक में उप जिला निर्वाचन
अधिकारी एसपी सिंह, सहायक जिला निर्वाचन अधिकारी आरएस गौतम, एसडीएम डा. एबी
सिंह के अलावा नव निर्वाचित सदस्य रामकुमार गुप्ता, अल्ताफ हुसैन, बाबा
बालक दास पाल, दीपराज सिंह गुर्जर, कृष्णपाल सिंह गुर्जर, नम्रता तिवारी
दीक्षित, उमा देवी, लतिका सिंह, राधा अनुरागी,अर्चना गौतम, रूपम गौतम, पूनम
आदि मौजूद रहे।
बनाया गया पहचान पत्र
जिला पंचायत सदस्यों
को चुनाव के दौरान मत डालने के लिए पहचान पत्र जरूरी होगा। फोटो युक्त
मतदाता सूची पहले ही तैयार कर ली गई है। सोमवार को बैठक के बाद सदस्यों के
पहचान पत्र बनाए गए। पहचान पत्र होने पर ही सदस्य मतदान कर पाएंगे।
जिसके नाम निकली लॉटरी, वो हारा
जिला
निर्वाचन अधिकारी ने जिला पंचायत सदस्यों को बताया कि अध्यक्ष पद के चुनाव
में दो प्रत्याशियों को बराबर बराबर मत मिलने पर उनके नाम की लाटरी निकाली
जाएगी। इस दौरान जिसके नाम की पर्ची निकलेगी उसे पराजित माना जाएगा।
राजनीति का अखाड़ा बना रहा कलेक्ट्रेट परिसर
जिला निर्वाचन प्रशासन की ओर से दोपहर बाद बुलाई गई बैठक में नव निर्वाचित
प्रत्याशी अपने साथियों के साथ पहुंचे तो वहीं पूर्व सांसद घनश्याम
अनुरागी समेत सपा के अन्य वरिष्ठ नेता भी पहुंच गए। तकरीबन दो घंटे तक
परिसर में गहमागहमी का माहौल रहा। सपा के पूर्व जिलाध्यक्ष चौधरी विष्णुपाल
सिंह गुर्जर, ब्लाक प्रमुख सुदामा दीक्षित, पूर्व नगर
अध्यक्ष
शफीकुर्रहमान कश्फी, तारिक अनवर रहमानी, अनीस मंसूरी, जमालुद्दीन पप्पू के
अलावा छात्र सभा जिलाध्यक्ष हिमांशु ठाकुर समेत सपा, बसपा और अन्य दलों के
नेता भी वहां मौजूद रहे। इससे गहमागहमी का माहौल रहा। पूर्व सांसद घनश्याम
अनुरागी कई सदस्यों से एकांत में वार्ता करते हुए भी देखे गए।
सपा की गुटबंदी उजागर
जिला
निर्वाचन अधिकारी द्वारा पंचायत सदस्यों की सुरक्षा को लेकर बुलाई गई बैठक
के दौरान सपा की आंतरिक खींचतान उभरकर सामने आ गई। इस दौरान पार्टी के ही
कई सदस्य एक दूसरे से कटते नजर आए। कुछ ने एक दूसरे से हाथ तक मिलाना
मुनासिब नहीं समझा तो कुछ अन्य सदस्यों के खिलाफ खुलकर बोलते दिखे।