उरई। शासन ने जनपद में 1200 मेगा वाट के सोलर प्लांट को मंजूरी दी है। इसके लिए एट व कोटरा क्षेत्र का चयन किया जा रहा है। यूपी नेडा के अधिकारी आरके पांडे ने बताया कि सोलर प्लांट से किसानों को उनकी बंजर जमीनों का उचित दाम मिलेगा। यहां के लोगों को रोजगार के साथ-साथ जनपद की बिजली समस्या का भी निदान होगा।
बुंदेलखंड में जमीन बंजर व कम उपजाऊ होने से यहां के किसानों की आर्थिक स्थिति कभी ठीक नहीं रही। लाभकारी योजनाओं के बाद भी किसानों की स्थिति नहीं सुधरी। बिजली की किल्लत है। ग्रामीण क्षेत्रों में सिर्फ पांच से छह घंटे सप्लाई मिलती है। इन समस्याओं से अब मुक्ति मिलने वाली है। शासन ने अल्ट्रा मेगा सोलर पार्क योजना के अंतर्गत जिले में 1200 मेगा वॉट के सोलर प्लांट को मंजूरी दी है।
नेडा के अधिकारी आरके पांडे के मुताबिक यह सोलर प्लांट जिले के विकास के लिए मील का पत्थर साबित होगा। प्लांट का कार्य यूपी नेडा व बुंदेलखंड सौर ऊर्जा लिमिटेड के माध्यम से कराया जाएगा। इससे जिले में बिजली समस्या खत्म होगी। इतने बड़े प्रोजेक्ट के बनने से रोजगार के अवसर निकलेंगे। जिले का विकास होगा। शासन के निर्देश पर भूमि के चयन की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। एट व कोटरा क्षेत्र में बेतवा नदी पट्टी की गैर कृषि योग्य भूमि का सर्वे चल रहा है। जल्द ही चयन प्रक्रिया पूर्ण कर शासन को रिपोर्ट भेज दी जाएगी। प्लांट को लगाने का शासन का मुख्य उद्देश्य जिले के विकास के साथ ही किसानों की आर्थिक स्थिति को ठीक करना है। इसके लिए शासन किसानों की जमीनों का अधिग्रहण नहीं करेगा। किराये पर लिया जाएगा। इससे कि किसानों को बंजर जमीन का मासिक किराया मिल सके। सोलर प्लांट के लिए सरकार जमीन को 28 साल के लिए लीज पर लेगी। 28 साल बाद जमीन को समतल कर किसानों को दे दिए जाएगा।
अपर जिलाधिकारी प्रर्मिल कुमार ने बताया कि यह प्रोजेक्ट जिले के किसानों के लिए मील का पत्थर साबित होगा। जिले के नदी पट्टी के क्षेत्रों में उबड़ खाबड़ और काफी बंजर जमीन है। इस प्रोजेक्ट में बंजर या कृषि अयोग्य जमीन का चयन किया जाएगा। इससे कि किसानों की कृषि योग्य भूमि का नुकसान न हो सके। नेडा अधिकारी के अनुसार 1200 मेगा वॉट का यह प्रोजेक्ट प्रदेश में सबसे बड़ा होगा। शासन ने करीब पांच से छह हजार करोड़ रुपये का अनुमानित बजट रखा है। जरूरत पर इसे बढ़ाया भी जा सकता है।
सात हजार एकड़ में लगेगा सोलर प्लांट
अधिकारियों ने बताया कि सोलर प्लांट के लिए जिले में सात हजार एकड़ जमीन का प्रस्ताव शासन से मिला है। जमीन की तलाश शुरू कर दी गई है। जिले के एट व कोटरा क्षेत्र के एक दर्जन से अधिक गांवों में भूमि की तलाश की जा रही है। जिलाधिकारी डॉक्टर मन्नान अख्तर ने सभी तहसीलदारों को निर्देश दिए हैं कि जल्द चयन प्रक्रिया को पूर्ण कर लिया जाए।
विकास के साथ-साथ दूर होगा जिले का अंधेरा
सोलर प्लांट से जिले में विकास का पहिया तेजी से घूमेगा। यह प्लांट जिले में बिजली किल्लत को दूर करेगा। विभागीय सूत्रों के अनुसार प्लांट के नियमों के अनुसार यहां बनने वाली बिजली के बड़े हिस्से की प्रदेश के अन्य जिलों में आपूर्ति की जाएगी।
समिति तय करेगी, किसानों की जमीनों का किराया
शासन के निर्देश के बाद जिले में जिला स्तर पर समिति का गठन कर लिया गया है। इस समिति का अध्यक्ष अपर जिलाधिकारी को नामित किया गया है। समिति जमीन के चिह्निकरण के साथ-साथ किसानों की जमीनों के किराये का निर्धारण भी करेगी।