जालौन। नवीन गल्ला मंडी परिसर में किसानों से न्यूनतम समर्थन मूल्य पर खरीदे जा रहे गेहूं की उठान पर्याप्त मात्रा में नहीं हो रही है। उठान न हो पाने के कारण लगभग एक हजार क्विंटल गेहूं खुले में रखा था। हालांकि, बारिश से बचाव के लिए मंडी में खुले में रखे गेहूं के ऊपर तिरपाल की व्यवस्था की गई थी। इसके बावजूद शुक्रवार की सुबह आई तेज आंधी और बारिश से लगभग सौ क्विंटल गेहूं बारिश में भीग गया। जिला खाद्य विपण अधिकारी व एसडीएम के निरीक्षण के बाद खुले में रखे गेहूं को उठवाया जा रहा है।
नगर में नवीन गल्ला मंडी परिसर में 16 सरकारी गेहूं क्रय केंद्र संचालित किए जा रहे हैं। इन केंद्रों पर अब तक लगभग 62 हजार क्विंटल गेहूं की खरीद की जा चुकी है। खरीद की रफ्तार तो ठीक है लेकिन सबसे बड़ी समस्या खरीदे गए गेहूं की समय पर उठान न होना बनती जा रही है। उठान में देरी के कारण मंडी परिसर के नीलामी चबूतरे के बाहर गेहूं के बोरों का ढेर लग गया है, जिसे खुले आसमान के नीचे ही छोड़ दिया गया है।
शुक्रवार सुबह नौ बजे अचानक तेज आंधी के साथ बारिश होने लगी। मंडी प्रशासन ने खुले में रखे गेहूं को भीगने से बचाने के लिए हरसंभव प्रयास किया। गेहूं की बोरियों को तिरपाल आदि से ढका गया। लेकिन तेज हवा के चलते कुछ ढेरों से तिरपाल उड़ने व मंडी में जलभराव होने के कारण बाहर रखा लगभग 100 क्विंटल गेहूं भीग गया।
पानी बंद होते ही जिला खाद्य विपणन अधिकारी गोविंद उपाध्याय, एसडीएम विनय मोर्य मौके पर पहुंच गए और प्रभारी मंडी सचिव रिपुदमन सिहं गुर्जर से पूछताछ की और मंडी में खुले में रखे गेहूं को देखा। एसडीएम ने मंडी सचिव को निर्देश दिए कि वह क्रय केंद्र प्रभारियों से मिलकर गेहूं की उठान शीघ्र सुनिश्चित कराएं ताकि भविष्य में गेहूं भीगने की समस्या पैदा न हो। जिसके बाद खुले में रखे गेहूं को उठवाना शुरू करा दिया गया।