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कोरोना का रूट तलाशने में जुटा स्वास्थ्य विभाग, दो नर्सिंगहोम सीज

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उरई। जिला अस्पताल के डॉक्टर को कोरोना का संक्रमण कहां से मिला, किस माध्यम से वे इसकी चपेट में आए अब स्वास्थ्य विभाग इसी की पड़ताल में जुट गया है। जिसके लिए न सिर्फ संपर्क के डॉक्टर, स्वास्थ्य कर्मियों बल्कि नर्सिगहोम के संचालकों और वहां के स्वास्थ्य कर्मियों की भी जांच पड़ताल की जा रही है।
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जिला अस्पताल के अधिकारियों ने बताया कि डॉक्टर कुछ नर्सिंगहोम में भी ड्यूटी (मरीजों को आपरेशन से पहले बेहोश करने) को जाते थे। लिहाजा रविवार को पुलिस ने दो नर्सिंगहोम संचालकों को बुलाकर उनके और उनके कुछ कर्मियों के सैंपल भी जांच के लिए भेजे हैं। देर रात डीएम के आदेश पर दोनों नर्सिंगहोम सीज कर दिए गए। इसके अलावा उन मरीजों का भी पता किया जा रहा है, जिनका इलाज संक्रमित डॉक्टर ने किया है। सभी के पर्चे लेकर थाना स्तर पर पुलिस को दिए गए हैं, पुलिस पहले उन मरीजों का पता करेंगी फिर स्वास्थ्य विभाग की टीमें जांच के लिए जाएंगी। इसके अलावा आवासीय परिसर में रहने वालों की भी जांच की जा रही है, डॉक्टर की संक्रमित पत्नी का पड़ोस की किन महिलाओं से मेलजोल था। यह भी पता किया जा रहा है। सीएमओ अल्पना बरतारिया का कहना है कि डॉक्टर दंपति में वायरस कहां से आया, इसका पता करने के लिए जांच अभियान चल रहा है।
जाओ दोस्त, तुम्हें कुछ नहीं होगा
जांच के घेरे में संक्रमित डॉक्टर के वे सहयोगी भी है, जिन्होंने रेफर होते वक्त उनके कंधे पर हाथ रखकर कहा था कि जाओ दोस्त तुम्हें कुछ नहीं होगा। वे सभी सहयोगी और उनके परिवार भी डॉक्टर के संक्रमित होने के बाद से ही सहमे हैं।
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गांव में प्रधान ने पिटवाई डुगडुगी
संक्रमित डॉक्टर के डकोर ब्लाक स्थित पैतृक गांव में प्रधान ने न सिर्फ गांव में सैनिटाइज ही कराया बल्कि डुगडुगी भी पिटवाई कि यदि कोई डॉक्टर के परिवार के संपर्क में आया है तो वह स्वयं सामने आकर चेकअप कराए। फिलहाल गांव के घर में कोई रहता नहीं है। बता दें कि संक्रमित डाक्टर चार भाई है। जिसमें से दो भाई जिले से बाहर रहते है, जबकि डाक्टर व डाक्टर के बड़े भाई जिले में ही रहते थे। बड़े भाई अपने मातापुरा स्थित पैतृक मकान में रहते हैं।
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