कर्ज और सूखे ने एक और किसान की जान ले ली। किसान ने सोमवार की देर रात
अपने खेत के किनारे लगे पेड़ से फांसी लगा ली। वह काफी देर तक घर नहीं
पहुंचा तो परिजन खेत पर पहुंचे। वहां वह फांसी पर लटका था। सूचना पाकर
कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंची और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
कोतवाल लालबहादुर सिंह ने बताया कि वह
मामले की जांच कर रहे है। परिजनाें
ने बताया कि फसल खराब होने के सदमे में किसान ने जान दी है।
जालौन
कोतवाली क्षेत्र के गांव मांडरी निवासी राजेंद्र सिंह अहिरवार (50) पुत्र
हुब्बलाल के पास पांच बीघा जमीन थी। उसने जमीन पर किसान क्रेडिट कार्ड से
एक लाख रुपये कर्ज भी ले रखा था। अचानक गर्मी होने से उसकी मटर की फसल के
फूल झड़ गए। इससे वह खासा परेशान था। फसल तबाह होने से उसके सामने गृहस्थी
चलाने का संकट भी हो गया। सोमवार की देर रात नौ बजे वह घर में बिना बताए
खेत पर पहुंचा और अपने अंगौछे से फांसी का फंदा बनाकर उसमें झूल गया। देर
रात तक वह घर नहीं आया तो परिजन खेत पर पहुंचे। यहां वह फांसी पर लटका था।
घटना की सूचना पाकर
कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंची और शव को पोस्टमार्टम के
लिए भेज दिया। पुलिस का कहना है कि परिजनाें ने बताया कि उसकी फसल खराब
हो गई थी और उस पर बैंक का एक लाख रुपये कर्ज भी था। बता दें कि दो दिन
पहले ही कदौरा के किसान की भी फसल सूखने के सदमे से मौत हो गई थी। वहीं
नहराें में पानी न आने से भी कई एकड़ फसल बर्बादी की कगार पर है।