उरई (जालौन)। दहेज हत्या का दोष साबित होने पर पति को जिला जज अशोक कुमार सिंह ने 14 साल की सजा सुनाई है। 15 हजार रुपये अर्थदंड भी लगाया है। मामला सात साल पुराना है।
अभियोजन पक्ष से पैरवी कर रहे जिला शासकीय अधिवक्ता लखनलाल निरंजन ने बताया कि कैलिया थाना क्षेत्र के हिंगुटा निवासी हरीमोहन पुत्र भवानी अहिरवार ने अपनी बेटी सुनीता की शादी 23 मई 2010 को कोंच कोतवाली क्षेत्र के मोहल्ला गांधीनगर निवासी आशीष से की थी। हरीमोहन ने 7 मार्च 2014 को रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि दामाद आशीष बेटी को दहेज के लिए प्रताड़ित करते थे। वह अतिरिक्त दहेज की मांग पर बेटी के साथ मारपीट करते थे। दहेज की मांग पूरी न होने पर 7 मार्च को आशीष ने सुनीता के ऊपर केरोसिन डालकर आग लगा दी। जिससे उसकी मौत हो गई। पुलिस ने दहेज हत्या का मामला दर्ज कर लिया। इसके बाद अदालत में आरोपी के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की गई। आरोप साबित होने पर जिला जज अशोक कुमार सिंह ने आशीष को 14 साल के सश्रम कारावास एवं 15 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई।