बता दें कि चार साल पूर्व 20 मई 2014 को कालपी कोतवाली क्षेत्र के ग्राम देवकली में एक शादी समारोह के दौरान कुछ युवक लड़कियों की फोटो खींच रहे थे। यह देखकर गांव के बबलू पुत्र महावीर ने इसका विरोध किया तो युवकों ने उसके साथ मारपीट कर जान से मारने की धमकी दी। इसके बाद युवकों ने उसी रात बबलू की लाठी डंडों से मारपीट कर हत्या कर दी थी।
बबलू के रिश्तेदार मोहर सिंह निषाद ने अवध पुत्र छेदालाल निवासी ग्राम दिवेर की मड़ैया थाना सट्टी कानपुर देहात, हीरा पुत्र प्रभु निषाद निवासी ग्राम आलमपुर कालपी व उमाशंकर पुत्र रामबाबू निवासी हीरापुर थाना कालपी के खिलाफ हत्या की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। यह मामला न्यायालय में विचाराधीन था।
सत्र न्यायाधीश अनिल कुमार गुप्ता ने उक्त आरोपियों को गैर इरादतन हत्या का आरोपी मानते हुए 10-10 साल की सजा सुनाई है। साथ ही इन पर पांच पांच हजार रुपये जुर्माना भी लगाया है। सरकार की ओर से मामले की पैरवी शासकीय अधिवक्ता लखन लाल निरंजन ने की।