शहर के मोहल्ला बल्लभनगर निवासी ठेकेदार भरतलाल गुप्ता ने 24 फरवरी 2016 को कोतवाली में दहेज उत्पीड़न की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। आरोप है कि उनकी एमबीए पास बेटी मीनाक्षी की शादी 9 फरवरी 2013 खरका निवासी रामरतन गुप्ता के बेटे राजा विशाल सिंह के साथ हुई थी। शादी के छह महीने बाद ही स्कार्पियो की मांग को लेकर बेटी के ससुर रामरतन गुप्ता, सास गीता देवी व दामाद राजा विशाल सिंह जो एक खुफिया एजेंसी में दिल्ली में उच्च पद पर तैनात हैं। सब मिलकर मीनाक्षी का उत्पीड़न करने लगे।
मांग पूरी न होने पर बेटी को तरह-तरह से परेशान करना शुरू कर दिया। कई बार सुलह समझौते का प्रयास किया गया पर कोई नतीजा नहीं निकला। आखिर में भरतलाल ने शादी के करीब तीन साल बाद कोतवाली में दहेज उत्पीड़न की रिपोर्ट दर्ज कराई। 9 सितंबर 2016 को चार्जशीट कोर्ट में पेश कर दी गई। इसके खिलाफ ससुरालीजनों ने हाईकोर्ट से जुलाई 2017 में स्टे ले लिया, लेकिन 14 अगस्त 2018 को हाईकोर्ट से स्टे खारिज हो गया। सास ससुर को एक अक्तूबर को जमानत मिल चुकी है पर मंगलवार को राजा विशाल सिंह ने उरई की सीजेएम कोर्ट में जमानत अर्जी दाखिल की। वादी के अधिवक्ता ऋषि पटेल की पैरवी पर सीजेएम गुलाम मुस्तफा ने आरोपी की जमानत खारिज कर उसे जेल भेज दिया।