बता दें कि कालपी के एमजेएम महाविद्यालय के नौ छात्र रविवार को पिकनिक मनाने कोटरा थाना क्षेत्र स्थित बेतवा नदी में सला घाट पर आए थे। नदी में नहाने के लिए उतरे छात्र सेल्फी ले रहे थे। तभी उनका एक साथी गौतम सिंह (18) पुत्र सुरेंद्र सिंह शाहजहांपुरा कालपी गहरे पानी में डूब गया। उसे डूबता देख अन्य सहपाठियों ने उसे बचाने का प्रयास किया तो वे भी डूबने लगे।
लेकिन घाट के आसपास मौजूद ग्रामीणों ने आठ छात्रों को किसी तरह बाहर निकाल लिया था, लेकिन पानी के तेज बहाव के बीच गौतम का कुछ पता न चल सका। रात होने के कारण गोताखोर भी उसे ज्यादा न तलाश पाए। सोमवार की सुबह से ही गौतम की तलाश के लिए झांसी से आए गोताखोर दोबारा नदी में कूदे।
दोपहर के वक्त आखिर में गोताखोरों के हाथ गौतम का शव लग गया, शव पानी के बीच झाड़ियों में फंसा हुआ था। पुलिस ने शव कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। छात्र का शव मिलने से परिजनों में कोहराम मच गया। मां शांति तो बेटे के शव से लिपट कर बार-बार बेहोश हो रही थीं। महिलाओं ने बड़ी मुश्किल से उन्हें संभाला। स्थानीय लोगों का कहना है अगर चरवाहों ने तत्परता न दिखाई होती तो बड़ा हादसा हो जाता।
सेल्फी खींचने से रोका जाएगा
कोटरा थाना प्रभारी अशोक सोनकर का कहना है कि घाट पर अधिकांश लोग सेल्फी खींचते हैं। रविवार का भी हादसा सेल्फी लेने के कारण ही हुआ है। लिहाजा घाट पर अब सिपाहियों की तैनाती कराकर वहां सेल्फी खींचने वालों पर भी पूरी नजर रखी जाएगी। सेल्फी खींचने वाले लोगों के खिलाफ कार्रवाई भी की जाएगी।
लगाए जाएंगे खतरे के संकेतक
प्रशासन का कहना है कि बारिश के दिनों में बेतवा अक्सर खतरनाक रूप ले लेती है। कई बार नदी में मगरमच्छ भी आ जाते हैं। लिहाजा नदी में जल्द ही संकेतक लगाए जाएंगे, जिससे लोगों को खतरे का आभास हो और वे संकेतकों के पास न जाएं। सोमवार को भी पूरे दिन घाट पर लोगों की भीड़ लगी रही और लोग नदी के रुप को देख खौफ खाते रहे।