गोहन। स्वाइन फ्लू के लिये स्वास्थ्य विभाग भले ही प्रयास किए जा रहे हों। लेकिन जनपद में स्वाइन फ्लू ने अपने पैर पसार दिए है। स्वाइन फ्लू की चपेट में आकर एक शिक्षिका की कानपुर रीजेन्सी में मौत हो गई। जांच में स्वाइन फ्लू की पुष्टि भी हुई है।
जनपद में स्वाइन फ्लू ने अपने पैर पसारने शुरू कर दिए है। कस्बा गोहन के मुहल्ला कासिमपुर निवासी हरिमोहन दीक्षित की पत्नी सावित्री दीक्षित (62) शिक्षिक है और ऊमरी के पास खौरई गांव के उच्च प्राथमिक विद्यालय में प्रधानाध्यापिका के पद पर तैनात थी। इन्हें 17 अगस्त दिन गुरुवार से बुखार की शिकायत हुई तो परिजनो ने कस्बे के ही डाक्टरों को दिखाकर इलाज कराया। दो तीन दिन तक इलाज कराने के बाद आराम नही मिलने पर परिजन रीजेन्सी कानपुर ले गए। बीते रविवार को रीजेंसी में भर्ती कर उनकी जांच की गई। यहां जांच में स्वाइन फ्लू की पुष्टि हुई। इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। शिक्षिका के परिजनों का कहना है कि रीजेंसी में डाक्टरों ने जांच में स्वाइन फ्लू होने की पुष्टि की। ग्राम प्रधान कासिमपुर परमात्माशरण का कहना है कि गांव में बुखार, खांसी, जुकाम आदि रोगों के मरीजों की संख्या ज्यादा है। गांव के लोग झोलाछाप डाक्टरों से इलाज करा रहे है। जिससे मरीजों को विशेष आराम नही मिल रहा है। साथ ही यहां जांच की सुविधा भी नही है। जहां तक सफाई की बात है पूरे गोहन में 20 से 25 अगस्त तक सफाई अभियान चलाया गया। 23 व 24 अगस्त को कासिमपुर में सफाई कराई गई थी। कस्बा गोहन के मुहल्ला सहवाजपुरा के हरिओम यादव व ओमप्रकाश सोनी का कहना है कि कस्बे में इलाज के समुचित साधन नही है। ग्रामीण आज भी झोलाछाप डाक्टरों के भरोसे है। इस समय गांव में ही नही पूरे क्षेत्र में बुखार खांसी बदन दर्द व जुकाम के मरीजों की संख्या सबसे ज्यादा है। वगैर जांच के पता चलना मुश्किल है कि किसे कौन सी बीमारी है। शिक्षिक की मौत स्वाइन फ्लू से हुई है इसकी पुष्टि रीजेन्सी डाक्टरों ने की है। इस