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राधाकृष्ण मंदिर से मूर्ति चोरी

Sat, 06 Aug 2016 10:29 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो, उरई
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इसी मंदिर से हुई अष्टधातु की मूर्ति चोरी। - फोटो : अमर उजाला
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जालौन कोतवाली के गांव धंतौली में शुक्रवार देर रात चोराें ने राधाकृष्ण मंदिर का ताला तोड़ वहां भगवान कृष्ण की मूर्ति चुरा ली। पुलिस के अनुसार चोरों ने अष्टधातु के धोखे में ये वारदात की है। चोर राधा की मूर्ति और उनका मुकुट वहीं छोड़ गए। सुबह पांच बजे जब पुजारी पूजा करने मंदिर पहुंचे तो वहां मूर्ति गायब थी। सूचना पर ग्रामीण वहां एकत्रित हो गए। वे
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पुजारी के साथ कोतवाली पहुंचे और पुलिस को तहरीर दी। पुलिस मौके पर पहुंची व साक्ष्य संकलन करने के बाद कार्रवाई की बात कही है। धंतौली निवासी अरविंद पाराशर ने कोतवाली पुलिस को दी तहरीर में बताया कि उनके गांव में प्राचीन राधा कृष्ण का मंदिर है। वे वहां पूजा अर्चना करते हैं। शुक्रवार की रात आठ बजे उन्हाेंने अन्य ग्रामीणाें के साथ मिलकर मंदिर

की आरती कर पट बंद कर ताला डाल दिया। देर रात चोराें न ताला तोड़कर कृष्ण की मूर्ति चुरा ली। माना जा रहा है कि चोरों ने अष्टधातु की बनी समझकर मूर्ति चोरी की है। तहरीर में
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बताया कि पुजारी सुबह जब पूजा करने पहुंचे तो मंदिर का ताला टूटा और अंदर से कृष्ण की मूर्ति गायब थी। कोतवाल शिवसागर दीक्षित गांव पहुंचे और जांचकर कार्रवाई की बात कही है। उन्हाेंने कहा कि गांव के ही संदिग्धाें की तलाश की जा रही है।

पहले भी हो चुकी मूर्ति चोरी
धंतौली गांव के प्राचीन राधाकृष्ण मंदिर से करीब चार साल पहले भी मूर्ति चोरी हो चुकी है। तब भी इस मूर्ति को चोर अष्ठधातु की होने के शक में ही चुरा ले गए थे। पर बाद में पीतल की

जाकर उसे गांव के बाहर नहर के पास रखकर भाग गए थे। हालांकि ग्रामीण इस मूर्ति को अष्टधातु का ही मानते हैं। उनका कहना है कि यह मूर्ति चमत्कारिक है और पिछली बार इसने चोरों को खूब छकाया। इस बार भी चोर मूर्ति यहीं रख जाएंगे।  

घटना में फंसे पेंच
चोरी की इस घटना में बड़ा पेंच ये है कि यदि चोरों को अष्टधातु की मूर्ति ही चोरी करनी थी तो वे राधा जी की मूर्ति को क्यों छोड़ गए। वहीं,  मुकुट आदि भी वहीं छोड़ने का मामला समझ से परे है। लोगोें का कहना है कि चोरों को राधा जी की मूर्ति पीतल की जान पड़ी होगी तभी वे उसे नहीं ले गए होंगे।
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