पचास हजार का इनामी बदमाश गोप्पा उर्फ भोले जिले की पुलिस को चारों दिशाओं में भटका रहा है। एक स्थाई ठिकाना न होने से पुलिस अधिकारी भी उसकी घेराबंदी नहीं कर पा रहे हैं। तीन महीनों में इस दस्यु दल से अलग अलग थाना क्षेत्रों में पुलिस की मुठभेड़ हुई है। तिहरे हत्याकांड के बाद इस गैंग द्वारा शिक्षकों व प्रधानों से धन की वसूली की खबरें आती रहीं हैं।
पहाड़ी थाने के हर्रा गांव का गोप्पा उर्फ भोले यादव कई साल से दस्यु गौरी यादव गैंग के साथ मिलकर जिले में अपहरण, हत्या व फिरौती वसूलने का काम कर रहा है। गोप्पा गैंग में आधा दर्जन के करीब सदस्य हैं लेकिन गौरी यादव गैंग के साथ मिलकर यह अपनी ताकत बढ़ा लेता है।
पहाड़ी थाना क्षेत्र में तीन युवकों की हत्या करने के बाद यह गैंग सुर्खियों में आ गया। इस घटना के बाद मऊ थाना क्षेत्र में हुई मुठभेड़ के दौरान गैंग का एक सदस्य मारा गया था। जिसकी आज तक शिनाख्त नहीं हो पायी है।
तिहरे हत्याकांड के बाद पुलिस ने इस पर पचास हजार रूपये का इनाम घोषित किया है। पहाड़ी थाना क्षेत्र में वारदात करने वाला यह गैंग मऊ, बहिलपुराव, भरतकूप, और राजापुर थाना क्षेत्र तक पहुंच जाता है। अभी हाल में सरधुवा गांव के पास हुई मुठभेड़ में डाकू गोप्पा बच निकला था।
पुलिस अधिकारी इस बात से हैरान हैं कि इस गैंग को सभी इलाकों में शरण कैसे मिल रही है। जब कभी पुलिस गोप्पा को पकड़ने के लिए मुखबिर लगाती है तो वह अपना इलाका बदल देता है। गोप्पा गैंग बीहड़ इलाके में बहुत कम रहता है। मैदानी इलाके में ही रहकर वसूली करता रहता है।
इन क्षेत्रों में पहले भी कई दस्यू दल सक्रिय थे। जहां ददुआ मानिकपुर क्षेत्र के बीहड़ में रहता था। वही ठोकिया अपने साथियों सहित भरतकूप क्षेत्र के आसपास ही रहता था। इनके सूत्र पुलिस से भी मजबूत थे। जिससे यह लोग बच जाते थे।
हर्रा गांव के यादव का पुरवा में पुराने दुश्मन को जान से मारने का प्रयास करने वाले डाकू गोप्पा समेत आधा दर्जन लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई है। जिसमें गांव के ही तीन सगे भाई और एक अन्य फरार बदमाश खरदूषण भी शामिल है।
शुक्रवार भोर से पहले 50 हजार के इनामी डाकू गोप्पा उर्फ रामगोपाल यादव ने गैंग के साथ हर्रा गांव के पुरवा में धावा बोलकर रामराज यादव पुत्र सूरजदीन गोली मारकर जान से मारने का प्रयास किया था। जिसमें रामराज के पैर में गोली लगी लेकिन अब उसकी हालत खतरे से बाहर है।
शनिवार को थानाध्यक्ष रामेंद्र तिवारी ने बताया कि घायल की तहरीर पर डाकू गोप्पा, उसके भांजे रजुआ पुत्र रामकेश निवासी तरावं, बदमाश खरदूषण उर्फ भइयन के अलावा हर्रा निवासी गौलाल के पुत्र भरत, शत्रुघन व छोटा के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई है। घटना के दूसरे दिन भी पुलिस टीम ने गांव के आस पास कांबिंग की।
ग्रामीणों की मानें तो डाकू गोप्पा अपने दुश्मन रामराज को मारने के लिए घात लगाए था। उसे पता चला कि गुरुवार को उनके घर में दावत है। इसकी भनक लगते ही वह गुरुवार की देर रात को ही पुरवा के आस पास मंडरा रहा था। रामराज के परिजनों ने आरोप लगाया कि डाकू गोप्पा व उसके साथियों को गांव के गौलाल के पुत्रों ने रात को शरण देकर मदद की।