जिला जेल में एक ही परिवार के चार लोगों को मौत के घाट उतारने के आरोपी की
शनिवार की देर रात संदिग्ध हालात में मौत हो गई। इस मामले में मृतक के भाई
ने आरोपी की हत्या का आरोप जेल प्रशासन पर लगाया है। पुलिस ने शव को
पोस्टमार्टम के लिए भेजा। उसका पोस्टमार्टम मजिस्ट्रेट की मौजूदगी में हुआ
है। जेल प्रशासन का कहना है के बंदी की मौत
बीमारी से हुई है। बहरहाल
पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद मौत की वजह स्पष्ट होगी। मध्यप्रदेश के
टीकमगढ़ जिले के थाना सेंमरी के गांव कुढ़ार निवासी ओमप्रकाश के पुत्र
सत्यव्रत पर बीते दिनाें झांसी आए ब्रजेश तिवारी, उनकी पत्नी बबली व दो
पुत्रों को गोली मारकर हत्या करने का आरोप है। वह झांसी जेल में निरुद्ध
था। मई में उसे जिला कारागार उरई लाया गया था।
जेल प्रशासन का कहना है कि
वह बीमार चल रहा था और शनिवार की रात उसकी हालत बिगड़ गई। उसे जिला अस्पताल
में भर्ती कराया गया जहां उसकी मौत हो गई। उधर, मृतक के भाई देवव्रत ने
जेल प्रशासन पर भाई की हत्या का आरोप लगाया है। उसका कहना है कि विरोधियों
के कहने पर साजिशन भाई की हत्या की गई है। उसके शरीर पर चोटों के निशान
भी
हैं। इस संबंध में कोतवाल आलोक सक्सेना का कहना है कि मामले की गहनता से
जांच की जा रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आने के बाद कार्रवाई की जाएगी।
उधर, जिला अस्पताल के डा. वीपी सिंह का कहना है कि कैदी को मृत अवस्था में
ही अस्पताल लाया गया था।
क्या कहते हैं अधिकारी
जिस कैदी की मौत
हुई है, वह काफी दिनों से बीमार चल रहा था। उसे उपचार केे लिए जिला
अस्पताल भेजा गया, जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। - प्रदीप कुमार,
सिटी मजिस्ट्रेट
बंदी को शाम के समय जिला अस्पताल इलाज के लिए भेजा
गया था, जहां उसकी इलाज के दौरान ही मौत हो गई। - आफताब अहमद अंसारी,
डिप्टी जेलर, जिला जेल