बीडीसी सदस्य की हत्या के मामले में पुलिस अब उसकी नावर स्थित ससुराल के गांव में हत्या आरोपियों की तलाश कर रही है। बताया जाता है कि बीडीसी सदस्य की अपनी ससुराल से नजदीकी कम थी, फिर भी वह नावर गांव में कभी तीन तो कभी चार दिन रुकता था। वारदात वाली रात भी वह नावर गांव से ही लौट रहा था। पुलिस ने छौना व नावर गांव से आधा दर्जन संदिग्धों को उठाया है, जिनसे पूछताछ की जा रही है। इसके अलावा फोन की काल डिटेल शनिवार देर शाम तक पुलिस को मिलने की संभावना है।
शुक्रवार की सुबह छौना गांव के बीडीसी सदस्य अमर सिंह (55) का शव नावर व छौना के बीच लिड़ऊपुर के पास नहर में मिला था। अमर सिंह की चाकुओं से गोदकर हत्या की गई थी। नहर से कुछ दूरी पर ही अमर सिंह की बाइक भी चाबी लगी पाई गई थी। अमर के बेटे राहुल ने अज्ञात के खिलाफ पिता की हत्या का मामला दर्ज कराया। आनन-फानन मेें रामपुरा पुलिस ने अमर सिंह के कुछ साथियों को उठाया तो पता लगा कि बीडीसी का नावर गांव में अक्सर आना-जाना रहता था।
वही पर उसकी ससुराल भी थी, लेकिन वह तीन, चार दिन किसी और के घर पर रुकता था। बताया जाता है कि अमर सिंह अपनी ससुराल सिर्फ कामकाज में ही आता-जाता था। पुलिस को हत्या केे मामले में एक धोबी की भी तलाश है, जिसकी अमर की काफी नजदीकी बताई जाती है। पुलिस सूत्रों की मानें तो शनिवार शाम तक अमर के मोबाइल की काल डिटेल मिल जाएगी। उसके बाद ही पता लगेगा कि हत्या से पहले आखिरी बार अमर सिंह ने किससे बात की थी। इससे भी मामले के खुलासे में मदद मिलेगी। थानाध्यक्ष रामपुरा मिथलेश कुमार का कहना है कि पुलिस छौना व नावर के बीच ही हत्यारे की तलाश कर रही है।
शव बता रहा हत्यारों की क्रूरता
परिजन भले ही किसी रंजिश से इनकार कर रहे हों, लेकिन अमर के शव की हालत बता रही है कि हत्यारों ने उसे मारते वक्त बिल्कुल भी दया नहीं आई। चाकुओं से अमर की आंखें गोदी गईं थी। कान भी काट लिए गए। ऐसा लगता है कि रंजिश कोई मामूली नहीं है।
दो से तीन हो सकते हैं हत्यारे
पुलिस की मानें तो हट्टे कट्टे शरीर के अमर सिंह की हत्या करना, वह भी चाकुओं से गोदकर किसी एक आदमी के वश की बात नहीं है। हत्यारे दो या उससे अधिक हो सकते हैं। हत्या आरोपियों की संख्या जितनी अधिक होगी, खुलासे में उतनी ही आसानी होगी।