हिंदू युवक के धर्मांतरण का मामला गर्मा गया है। पुलिस ने इस पूरे मामले को
पैसा वसूली का खेल करार दिया है। एसपी ने बाकायदा प्रेस कांफ्रेंस कर इसे
कुचक्र करार दिया है। उधर, धर्मांतरण कराने के आरोपी युवक की पत्नी की
तहरीर पर बजरंग दल के संयोजक सहित कई लोगों पर पुलिस ने अपहरण, मारपीट आदि
मामला दर्ज कर शुक्रवार रात उनके घरों पर
छापेमारी की। इस दौरान कई
कार्यकर्ताओं के परिवार के लोगों को भी पुलिस अपने साथ ले गई।
उधर, इस
पूरे मामले से सकते में आई पुलिस ने गड़बड़ी की आशंका में कई जिलाें की
पुलिस व पीएसी के साथ ही आरएएफ को भी बुला लिया है। जिला एक तरह से छावनी
में तब्दील हो चुका है। इसी क्रम में पुलिस ने शनिवार को शहर के विभिन्न
मार्गों पर रूट मार्च किया और लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की।
बताते
चलें कि एक दिन पूर्व रेढ़र थाना व कस्बा निवासी संगम जाटव ने एक युवक पर
उसका जबरन धर्म बदलवाने का आरोप लगाया था। इस दौरान उसने दो अन्य युवकों का
भी धर्मांतरण कराए जाने की बात भी कही थी। इससे आक्रोशित बजरंग दल के
स्थानीय नेताओं ने आरोपी अवधेश नाई को पकड़ लिया और उरई ले आए। यहां
उन्होंने एसपी से बात कर
उसे उनके सामने प्रस्तुत करने का समय भी मांगा।
इसी बीच बजरंग दल व दुर्गा वाहिनी के कार्यकर्ताआें ने आरोपी अवधेश का सिर
मुंडवाकर उसको गधे पर बिठाकर जुलूस निकाल दिया। स्थानीय पुलिस ने किसी तरह
आरोपी अवधेश को बचाया और उसे व आरोप लगाने वाले संगम जाटव को कोतवाली ले
आए। पुलिस ने संगम की तहरीर पर अवधेश के
खिलाफ धर्म परिवर्तन आदि की
धाराआें में रिपोर्ट दर्ज भी कर ली। वहीं, अवधेश की पत्नी रेखा की तहरीर पर
बजरंग दल के संयोजक अखिलेश डीहा व संगम के खिलाफ अपहरण की रिपोर्ट दर्ज की
गई। मामला गर्माता देख एसपी ने झांसी, कानपुर देहात सहित एक प्लाटून पीएसी
व आरएएफ की टीम को भी बुला लिया। बजरंगियाें की तलाश में देर रात तक
छापेमारी होती रही। शनिवार सुबह एसपी एन कोलांचि, एएसपी शकील अहमद, सीओ उरई
जंगबहादुर सिंह सहित कई सीओ व कई जिले की पुलिस ने शहर के अंबेडकर चौराहा
से होते हुए करमेर रोड, भगत सिंह चौराहा, बजरिया आदि में रूट मार्च किया और
लोगों से शांति की अपील की।
पैसे के लिए फर्जी आरोप लगा रहा संगम-एसपी
धर्मांतरण का आरोप पुलिस की नजर में फर्जी है। उसके खिलाफ रेंढर के लोग भी
एसपी से शनिवार को मिले और कहा कि संगम शराब का लती है। पैसे के लालच में
वह धर्मांतरण की बात कर रहा है। एसपी एन कोलांचि ने पत्रकार वार्ता में
बताया कि बीते 18 दिसंबर को संगम स्वेच्छा से अवधेश के साथ कछवा जनपद
मिर्जापुर गया था जहां उसने ईसाई धर्म के बारे में जानकारी ली। उसके साथ गए
सुनील जाटव, रवि सक्सेना ने बताया कि वहां हिंदू धर्म के बारे में कोई
अपमानजनक बात नहीं हुई। एसपी ने बताया कि संगम ने अवधेश नाई से 20 हजार
रुपये की मांग की। जब उसने पैसे नहीं दिए तो वह बजरंग दल के संयोजक अखिलेश
डीहा से मिला और धर्मांतरण की बात बताई। एसपी के अनुसार, इस पर अखिलेश डीहा
अवधेश को पकड़कर उरई लाए और उनसे मिलने की बात कही। लेकिन इससे पहले
उन्हाेंने उसके बाल काटकर गधे पर बिठाकर जुलूस निकाल दिया। इस दौरान पुलिस
ने अंबेडकर चौराहे पर संगम व अवधेश को हिरासत में ले
लिया और कोतवाली लाए।
इस पूरे मामले में बजरंग दल के लोगाें ने कानून का मखौल उड़ाया है। इसलिए
उन पर रिपोर्ट दर्ज की है। देर रात छापामारी कर घटना के आरोपी आशू यादव
निवासी बंबी रोड पटेलनगर, प्रिंस गुप्ता निवासी तुलसीनगर, करुणेंद्र चौहान
नयारामनगर, प्रदीप कुमार निवासी पाठक का बगीचा, आशीष याज्ञिक निवासी शीतला
माता मंदिर व अरुण तिवारी निवासी गोपालगंज उरई को गिरफ्तार कर लिया और अन्य
नेताआें की तलाश में पुलिस छापेमारी कर रही है।
संयोजक पर एक और मामला दर्ज होगा
बजरंग दल के संयोजक जिस स्कार्पियाें से चलते है, उसमें हूटर भी लगा है।
यह नियम के विरुद्ध है। एसपी ने कोतवाल आलोक सक्सेना को निर्देश दिए कि
अखिलेश के खिलाफ रिपोर्ट दर्जकर स्कार्पियो बरामद कर कार्रवाई की जाए।
संगम बोला, नहीं भूल सकता अपमान
एसपी की प्रेस वार्ता के दौरान ही उनके दावों की संगम ने धज्जियां उड़ा
दीं। जबरन धर्म परिवर्तन कराने का आरो लगा रहे संगम जाटव ने दो टूक कहा कि
वह अपनी बात से मुकरने वाला नहीं है। उसके साथ जो हुआ, वह कभी नहीं भूलेगा।
उससे जबरन हिंदू देवी देवताआें का अपमान कराया गया है। प्रेस वार्ता में
पुलिस ने खूब उसके कंधे दबाए और उसे सांकेतिक
तौर पर चुप रहने को कहा लेकिन
वह चुप नहीं हुआ। उसने कहा कि अवधेश नाई ने उसे जबरन ले जाकर धर्म
परिवर्तन करवाया। अपनी बात पर वह अब भी कायम है। वह अब न्याय के लिए संघर्ष
करेगा।
भाजपाइयों ने एसपी को दिया ज्ञापन
धर्मांतरण के मामले
में भाजपा भी बजरंगियाें के समर्थन में आ गई है। शनिवार को भाजपा
जिलाध्यक्ष उदयन पालीवाल के नेतृत्व में पूर्व विधायक संतराम सिंह सेंगर,
बृजभूषण सिंह मुन्नू, अनिल बहुगुणा, सभासद के.के सिंह, देवेंद्र राठौर उदय
पिंडारी, देवेंद्र यादव, अनुराग श्रीवास्तव का एक दल एसपी एन कोलांचि से
मिला। इस दौरान एसपी से कहा गया कि पुलिस
रात में हिंदुआें के घर पर छापा
मारने के नाम पर बदसलूकी कर रही है। अकारण सभासद केे.के सिंह के घर पर छापा
मारकर बदसलूकी की गई। वहीं, बजरंग दल के संयोजक अखिलेश डीहा के परिजनाें
को उठा लाई है, उनका कोई पता नहीं चल रहा है। प्रतिनिधि मंडल ने कहा कि
निर्दोषों के खिलाफ पुलिस ने बदसलूकी की तो भाजपा आंदोलन के लिए बाध्य
होगी।
अभिसूचना इकाई हुई फेल
जिले का खुफिया तंत्र एक बार
फिर नाकाम साबित हुआ। धर्मांतरण के मामले में बजरंग दल एक दिन पहले ही पूरे
आंदोलन की रूपरेखा बना चुका था लेकिन खुफिया विभाग को भनक तक नहीं हुई।
यही नहीं, जब आरोपी अवधेश के बाल काटे जा रहे थे, तब भी खुफिया विभाग मौजूद
था। एसपी ने भी माना कि यहां की अभिसूचना इकाई कमजोर है। उसको लोगाें से
मेलजोल बढ़ाना होगा, तभी सूचनाएं आएंगी।
आखिर मेरा कसूर क्या है...
अपने पिता के साथ काम में हाथ बंटाकर परिवार का भरण पोषण कर रहे आशीष ने
बताया कि उसे बजरंग दल के अखिलेश डीहा व उनके समर्थक दुकान से जबरन पकड़
लाए। इन्होंने अवधेष के आधे बाल काटने को कहा। दबाव में उसे बाल काटने
पड़े। अब पुलिस उसे पकड़ लाई। इसमें उसका क्या कसूर..?
निर्दोष पर नहीं होगी कार्रवाई
एसपी एन कोलांचि ने कहा कि वह मामले में किसी भी निर्दोष को जेल नहीं
भेजेंगे। पुलिस के पास पूरी वीडियां फुटेज है, उसमें जो भी आएगा, उसकी
गतिविधियाें के आधार पर कार्रवाई की जाएगी।