उरई (जालौन)। जिला कारागार में बंदी की संदिग्ध हालात में मौत होने से हड़कंप मच गया। रविवार की सुबह 72 वर्षीय बंदी घनश्याम की हालत बिगड़ी तो जेल के सिपाही उसे लेकर जिला अस्पताल पहुंचे। जहां पर डाक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। मामले की गंभीरता को देखते हुए डीएम ने मजिस्ट्रेटी जांच के आदेश दिए है।
कोंच के मोहल्ला सुभाषनगर निवासी घनश्याम के खेत में दो साल पूर्व काम करते हुए मजदूर देवेंद्र का पैर थ्रेसर में चला गया था। इलाज के दौरान जब देवेंद्र की मौत हो गई तो गुस्साए परिजनों ने घनश्याम व उनके बेटे ब्रजकिशोर के खिलाफ गैर इरादतन हत्या का मामला दर्ज कराया था। इसी मामले में दोनों पिता पुत्र के खिलाफ वारंट जारी था। बीते माह कोर्ट ने पिता पुत्र को जेल भेजने के आदेश दिए। तब से दोनों जेल में ही थे।
जेल प्रशासन की मानें तो रविवार की सुबह अचानक बैरक में घनश्याम की हालत बिगड़ी और वह बेहोश हो गया। सिपाही उसे लेकर जिला अस्पताल पहुंचे तो डाक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। सूत्रों की मानें तो रविवार की सुबह घनश्याम के मुंह से झाग निकला था और उल्टियां भी हुई थीं। हालांकि जेल प्रशासन का कहना है कि उम्र अधिक होने के कारण उसका स्वास्थ्य खराब रहता था।
डिप्टी जेलर आरएस वर्मा का कहना है कि शनिवार की रात से ही घनश्याम की हालत ठीक नहीं थी और जब रविवार की सुबह उसे अस्पताल ले जाया गया तो डाक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। कोंच कोतवाल संजय कुमार गुप्ता का कहना है कि गैर इरादतन हत्या के मामले में वारंट जाने होने के बाद पिता पुत्र को जेल भेजा गया था। फिलहाल परिजन कोई आरोप प्रत्यारोप नहीं लगा रहे है और न ही कोई तहरीर अभी तक दी गई है।
वहीं अपर पुलिस अधीक्षक सुरेंद्र नाथ तिवारी ने बताया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट में भी मौत की वजह स्पष्ट नहीं हुई है। जिस कारण उसका बिसरा सुरक्षित रखा गया है। जांच के बाद कार्रवाई की जाएगी। एडीएम प्रमिल कुमार सिंह का कहना है कि मामले की मजिस्ट्रेटी जांच के आदेश दिए गए हैं। जिसमें जेल प्रशासन के जिम्मेदार लोगों के बयान और घनश्याम की परिजनों से भी पूछताछ के बाद उचित कार्रवाई की जाएगी।