ब्यूरो/अमर उजाला, रुड़की
कल तक एक-दूसरे के पाले में कच्ची शराब बनने की गेंद सरकाने वाले दोनों राज्यों के पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों के सुर खुलासे के साथ ही लगभग एक नजर आए। रविवार को हरिद्वार के एसएसपी ने कहा कि गलतफहमी हुई थी, लेकिन अब पूरी तरह साफ है कि शराब कहां से आई थी।
जहरीली शराब से सहारनपुर और हरिद्वार जिले में हुई कई मौतों के बाद से ही दोनों जिलों के पुलिस-प्रशासनिक अधिकारी एक-दूसरे के पाले में गेंद डाल रहे थे। इस बीच सहारनपुर के जिलाधिकारी ने बयान दे डाला था कि जहरीली शराब उत्तराखंड के झबरेड़ा क्षेत्र में बनती है और वहीं से शराब यहां लाकर बेची गई थी। जबकि, हरिद्वार जिले के पुलिस-प्रशासनिक अधिकारी पूरे मामले की जांच करने की बात कहकर इस दावे को नकार रहे थे। विरोधाभास के बीच रविवार को मामले का खुलासा हुआ तो दोनों जिलों की पुलिस के सुर मिलते-जुलते नजर आए। डीएम सहारनपुर के बयान के सवाल पर एसएसपी हरिद्वार जन्मेजय प्रभाकर खंडूड़ी ने कहा कि गलतफहमी हो गई थी। कुछ लोगों ने बरगला दिया था, जिसके चलते यह बयान आया था। अब साफ हो गया है कि जहरीली शराब सहारनपुर में ही बनी थी। वहीं, सहारनपुर के एसएसपी दिनेश कुमार पी से इस विषय पर सवाल किया तो वह पूरी तरह बचते नजर आए। उन्होंने कहा कि कच्ची शराब झबरेड़ा क्षेत्र में भी बनती है और यहां सहारनपुर में भी बेची जाती है। वहीं, इस घटना से यह भी साफ हो गया है कि सहारनपुर का दामन दागदार तो हुआ है, लेकिन छींटे उत्तराखंड के दामन पर भी आए हैं। इस राज से पूरा पर्दा तभी उठेगा, जब मुख्य आरोपी पिता-पुत्र हरदेव और सुखविंदर गिरफ्त में आएंगे।