उरई। रंजिश में मामा भांजे को अगवा कर उनकी हत्या कर दी गई। हत्यारोपियों ने दोनों के शव को सिरसाकलार के जंगल में ले जाकर फूंक दिया। जले हुए शवों के मिलने की सूचना पर हरकत में आई पुलिस ने उनकी शिनाख्त कराई। वारदात में शामिल पांच हत्यारोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया। एसपी यशवीर सिंह का कहना है कि मामा भांजे की हत्या रंजिश में की गई है। मुख्य आरोपी इन दोनों का दूर का रिश्तेदार है। आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया।
शहर कोतवाली क्षेत्र के कांशीराम कालोनी निवासी भूरी पत्नी बसीर खां ने पुलिस को बताया कि उसके 24 साल के बेटे रशीद व भाई नसीम (18) पुत्र शेर खां इंद्रानगर को बीती 29 अप्रैल को कोंच बसस्टैंड के पास से रफीक निवासी इंद्रानगर अपने साथियों के साथ अगवा कर ले गया। तब से मामा भांजे का कुछ पता नहीं चला।
इधर, सोमवार देर रात सिरसाकलार थानाक्षेत्र के गांव जुगराजपुरा के जंगल में दो अधजले शवों के पड़े होने की सूचना मिली। सिरसाकलार, कुठौंद थानों की पुलिस के अलावा फोरेंसिक टीम मौके पर पहुंची और पड़ताल की। नसीम और रशीद के भाइयों ने शवों की शिनाख्त की।
इसके बाद हरकत में आई पुलिस ने मंगलवार की सुबह ही आरोपी रफीक को पकड़ लिया। पूछताछ में रफीक ने अपने चार साथियों प्रमोद यादव, दीपक अहिरवार, ओमप्रकाश उर्फ रिंकू, विवेक दुबे के साथ मिलकर मामा भांजे की हत्या करने और फिर लोडर से शवों को जंगल में ले जाकर जलाने की बात स्वीकार की।
एसपी ने बताया कि मुख्य आरोपी रफीक दोनों मृतकों का रिश्तेदार भी है। कुछ दिन पहले रशीद और नसीम रफीक के भाई को नौकरी दिलाने के लिए दिल्ली लेकर गए थे। नसीम और रशीद तो दिल्ली से लौट आए थे लेकिन रफीक के भाई का कुछ पता नहीं चल रहा था। इसी बात को लेकर रफीक इन दोनों मामा भांजों से रंजिश मानने लगा था। जिसके चलते रफीक ने अपने साथियों के मिलकर वारदात को अंजाम दिया। पांचों आरोपी अपहरण और हत्या के आरोप में गिरफ्तार कर लिए गए हैं और लोडर व बाइक भी बरामद की गई है।