उरई। कोरोना संक्रमण के दौर में बेहद सतर्क रहने की जरूरत है। विशेष रूप से टीबी (क्षय रोग) के मरीजों को अतिरिक्त सावधानी बरतने की जरूरत है। खासकर उन मरीजों को जो पहले से ही फेफड़ों की समस्या से जूझ रहे हैं। टीबी रोगियों की रोग प्रतिरोधक क्षमता कमजोर होती है। ऐसे में कोरोना उन पर तेजी से हमला कर सकता है। जिला क्षय रोग अधिकारी डॉ सुग्रीव बाबू ने कोरोना को लेकर सतर्कता बरतने की अपील की है।
उन्होंने ने बताया कि कमजोर प्रतिरोधक क्षमता वाले लोगों को कोरोना वायरस अपना आसानी से शिकार बना लेता है इसलिए टीबी मरीजों में संक्रमण का खतरा अन्य मरीजों से कई गुना अधिक होता है। इसके लिए जरूरी है कि टीबी मरीज बेहद सावधानी बरतें। टीबी का मरीज एक बार खांसने पर लगभग 30 हजार टीबी वैक्टीरिया हवा में छोड़ता हैं। मास्क कोविड से ही नहीं बल्कि अन्य भी संक्रामक बीमारियों से हमारी सुरक्षा करता हैं।
उन्होंने बताया कि जिले में जनवरी से 31 मार्च तक 380 महिलाएं, 482 पुरुष समेत 862 टीबी मरीजों का इलाज चल रहा है,जिसमें से फेफड़े संबंधी टीबी के 767 मरीज उपाचाराधीन हैं। जुकाम, बुखार, खांसी जैसी समस्या होने पर अपनी कोरोना संबंधी जांच करानी चाहिए। साथ ही मास्क अनिवार्य रुप से पहनना चाहिए। उन्होंने कहा कि टीबी रोगी अपने खानपान पर विशेष ध्यान दें। टीबी की दवा नियमित खाए और इसमें किसी तरह की लापरवाही न बरतें।