माधौगढ़। दोपहर के वक्त जैसे ही भंडारे के बासी खाने ने असर दिखना शुरू हुआ और बच्चों व बुजुर्गो को उल्टी दस्त होने शुरू हुए, वैसे ही मिझौना गांव के तकरीबन हर दूसरे घर से हाय दइया का हुइगा का शोर सुनाई देने लगा। काफी देर तक तो गांव वालों को मामला ही समझ नहीं आया।
जो किसी दूसरे की खैरियत ले रहा था, वह कुछ देर अपने घर के बीमारों को देखने के लिए दौड़ता नजर आ रहा था। काफी देर बाद जब लोग मामला समझे और सीएचसी पहुंचे तो डॉक्टर भी गांव की ओर दौड़ते दिखाई देने लगे। गांव वालों का कहना है कि कई बार गांव में भंडारा हुआ है लेकिन ऐसा पहली बार ही हुआ कि इतने लोग एक साथ बीमार हो गए। कुछ लोग को प्रसाद में किसी जहरीले कीड़े के भी गिरने की बात कहते रहे। इससे गांव में देर रात तक दहशत सा माहौल बना रहा।
गांव में लगीं एंबुलेंस की कतारें
जिस वक्त गांव में चीख पुकार मच रही थी, उस वक्त स्वास्थ्य विभाग की एंबुलेंस भी बीमारों को अस्पताल पहुंचाने में जुटी थी। कुल छह एंबुलेंस से मरीजों को अस्पताल पहुंचाया जा रहा था।
घरों से फेंकी गई खीर पूड़ी
भंडारे के खराब होने की खबर फैलते ही लोगों ने घरों में रखी प्रसाद की खीर व पूड़ी फेंकना शुरू कर दीं। जिससे गांव की हर गली की सड़क पर खीर व पूड़ी बिखरी नजर आ रही थी। लोगों ने अपने पालतू जानवर भी बिखरे प्रसाद से दूर रखे।
बीमारों की सूची
शिवदास (72)पुत्र गज्जू, कटोरी (55) पत्नी दीनानाथ, कस्तूरी (45) पत्नी रामधनी, धन सिह (50) पुत्र ग्यादीन आदि है। सीएचसी में इलाज चल रहा है जिसमें रौनक (4) पुत्र गिरन्दे, अजेन्द्र (17) पुत्र रामप्रकाश, रामप्रकाश (48) ृदेवीदयाल (51), मीरा (5), रवि (18), बबली (16), शिवानी (16), चांदनी(11), शालिनी (9), अमन (5) पुत्र रामू, ब्रहमा (50), छुन्नू (4) का इलाज चल रहा है।