उरई। कोरोना के बढ़ते संक्रमण को लेकर जिलाधिकारी प्रियंका निरंजन ने मंगलवार को कलक्ट्रेट सभागार में स्वास्थ्य विभाग और प्रशासनिक अधिकारियों के साथ बैठक ली। उन्होंने कोरोना के उपचार के लिए व्यवस्थाएं दुरुस्त रखने के निर्देश दिए। सबसे पहले उन्होंने कोविड परिणामों की समीक्षा की।
सीएमओ डॉ ऊषा सिंह ने बताया कि जिले में 370 एक्टिव केस हैं। इसमें 121 होम आइसोलेशन में हैं। जिले में कुल 176 कंटेनमेंट जोन बनाए गए हैं, जिसमें 68 ग्रामीण क्षेत्र में हैं। डीएम ने कुछ मरीजों से फोन कर बातचीत की और उनका हालचाल जाना। डीएम ने बढ़ते कोरोना केसों को लेकर कोविड अस्पतालों की संख्या बढ़ाने के लिए जगह चिह्नित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कोविड-19 टेस्टिंग की प्रगति को भी बढ़ाने को कहा।
डीएम ने कहा कि सोमवार को बिना मास्क घूमने वाले 517 लोगों के चालान किए गए थे। अब लोगों को मास्क लगाकर ही बाहर निकलना चाहिए। बिना मास्क घूमने वालों के खिलाफ अभियान चलाया जाएगा। उन्होंने अस्पतालों में पर्याप्त बेड, सैनिटाइजर, मास्क आदि की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। डीएम ने कोविड वैक्सीन की उपलब्धता की भी जानकारी की। बताया गया कि अभी वैक्सीन उपलब्ध हैं, कम होने की स्थिति में तत्काल मांग कर दी जाएगी। उन्होंने निगरानी समितियों को भी सक्रियता से कार्य करने के निर्देेश दिए। बैठक में नगर मजिस्ट्रेट सुनील कुमार शुक्ला, अपर मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ सत्यप्रकाश, जिला पंचायत राज अधिकारी अभय यादव सहित संबंधित अधिकारी एवं चिकित्सक मौजूद रहे।
डीएम ने कहा कि कोरोना की दूसरी लहर का खतरा बढ़ता जा रहा है। इसके कारण प्रतिदिन कोरोना संक्रमण के मामले आ रहे हैं। उन्होंने रेडक्रास स्टाफ, मेंबर्स एवं वॉलिंटयर्स से अपील है कि वे अपनी क्षमतानुसार इस महामारी की रोकथाम एवं वैक्सीन लगवाने, हाथ धोने, मास्क लगाने, दो गज की दूरी का पालन करने के संबंध में सरकार के दिशा-निर्देशों को पालन करने के लिए लोगों को जागरूक करें।
डीएम ने टीकाकरण कराने वाले धर्मगुरुओं को पुष्प देकर उनका स्वागत किया। साथ ही उनसे अपील की कि वे अपने आसपास जो 45 वर्ष के आयुवर्ग के ऊपर के लोगों को वैक्सीन लगवाने के लिए प्रेरित करें ताकि अधिक से अधिक लोग टीका लगवाएं।