परिषदीय विद्यालयों में पढ़ने वाले बच्चों को वार्षिक परीक्षा में अब अपने
घर से उत्तर पुस्तिका नहीं लानी होगी। न ही उन्हें प्रश्नपत्र ब्लैक बोर्ड
से उतारने होंगे। इस संदर्भ में शासन ने नए दिशा निर्देश जारी कर अब सरकार
की ओर से प्रश्नपत्र और कापियां उपलब्ध कराने की व्यवस्था की है। जिले के
1800 परिषदीय विद्यालयों के बच्चों को इस नई व्यवस्था का लाभ
मिलेगा। जिले
के 1800 परिषदीय, 1247 प्राथमिक विद्यालयों में 96103 व 553 तथा जूनियर
विद्यालयों में 34500 बच्चे पढ़ते हैं। अभी तक इन्हें वार्षिक परीक्षा में
ब्लैकबोर्ड से प्रश्नपत्र उतारना पड़ता था जो विद्यालय के शिक्षक द्वारा ही
लिखा जाता था। उत्तर लिखने के लिए कापियां भी बच्चे घर से लाते थे। पर इस
बार शासन की ओर से इस व्यवस्था को खारिज
कर दिया गया है। शासन ने सामाजिक
संगठनों की मांग और विभागीय संस्तुति के आधार पर बच्चों के लिए उत्तर
पुस्तिका और प्रश्नपत्र की व्यवस्था करने की नई व्यवस्था दी है। इसके तहत
बजट का भी आवंटन किया जाएगा। बजट के अंतर्गत परिषदीय विद्यालयों के
प्राइमरी के बच्चों के लिए प्रति बच्चा 7.30 रुपये और जूनियर में प्रति
बच्चा 15 रुपये प्रधानाध्यापक को दिए जाएंगे।
14 मार्च से होंगी परीक्षाएं
शासन
के निर्देश पर इस बार प्राइमरी व जूनियर की वार्षिक परीक्षाएं 14 मार्च से
21 मार्च के बीच कराई जाएंगी। बीएसए राजेश कुमार वर्मा ने इसकी पुष्टि की
है।
बच्चों के लिए कापी और प्रशभनपत्र के इंतजाम को शासन की ओर से पत्र आ गया है। इस बाबत जल्द ही बजट भी मिल जाएगा।
राजेश कुमार वर्मा
जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी