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किसानों का सामूहिक प्रयास, खुद बना लिया मवेशियों का बाड़ा

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आटा में पशुबाड़े में बंद मवेशी। - फोटो : ORAI
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आटा (जालौन)। अन्ना मवेशियों के झुंड से परेशान किसानों ने जब प्रशासन को हाथ पर हाथ धरे देखा तो फसलों का और नुकसान कराने के बजाए उन्होंने स्वयं ही प्रयास करने शुरू कर दिए हैं। परासन के किसानों ने आपस में मिलकर गांव के बाहर जानवरों का बाड़ा बनाया और फिर उसके बाहर चारों ओर झाड़ झंखाड़ लगाकर रास्ता बंद कर दिया है और अब चंदा कर मवेशियों के लिए पानी चारे का इंतजाम कर रहे हैं। किसानों का कहना है कि स्कूल, पंचायत भवन में मवेशियों को बंद कर कानून का उल्लंघन नहीं करना चाहते हैं।
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बता दें कि आटा क्षेत्र में पिछले कई दिनों से अन्ना मवेशी फसलों को नुकसान पहुंचा रहे हैं, जबकि अधिकारी हैं कि सिर्फ अधूरी गोशालाओं का निरीक्षण ही कर रहे हैं, जिससे समस्या दिन पर दिन विकराल होती जा रही है। किसानों ने बताया कि रविवार की रात भी अन्ना मवेशी फसल चट कर गए थे। कई बार अधिकारियों से शिकायत की गई पर हर बार अभी बन रही गोशाला, जल्द बन रही गोशाला के ही आश्वासन मिल रहे थे।
परासन गांव के किसान रामसजीवन, हरिकीसुन आदि ने बताया कि क्षेत्र में करीब 1500 से 2000 अन्ना मवेशी है, जिनके लिए फिलहाल में कोई भी गोशाला चालू नहीं है। जो एक दो गोशालाएं चल भी रही हैं वहां चारा-पानी के इंतजाम आधे अधूरे हैं। इस कारण मवेशी खेतों में घुसे रहे हैं। धर्मपाल, मुन्ना, शिवकुमार, परमानंद, गोपीचरन, मूलचंद आदि किसानों ने बताया कि अन्ना मवेशियों से अपनी फसल को बचाने के लिए सभी ने मिलकर जंगलों से झाड़ झंखाड़ एकत्र कर जानवरों का बाड़ा बनाया और उसी में अब अन्ना मवेशियों को रखकर बारी बारी से उनकी निगरानी की जा रही है।
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