कलेक्ट्रेट में स्कूली वाहन चालक डीएम को ज्ञापन देने जाते
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उरई। स्कूली वाहन चालकों ने प्रशासन पर उत्पीड़न का आरोप लगाकर सोमवार को स्कूली वाहनों का संचालन ठप रहा। इस दौरान नारेबाजी करते हुए जिलाधिकारी को संबोधित ज्ञापन एआरटीओ एवं एडीएम को सौंपा। वाहन चालकों ने चेतावनी दी कि प्रशासन के रवैये के कारण उनके सामने बेरोजगारी की स्थिति पैदा होने वाली है। यदि अनावश्यक रुप से उन्हें परेशान करना बंद नहीं किया गया तो 30 नवंबर से अपने वाहन सरेंडर करने को विवश होंगे।
धर्मेंद्र सिंह, संतोष, रवि गोस्वामी, मनीष, आत्माराम, शिवकुमार, नरेश दुबे, संदीप राजपूत, विनोद, इंद्रपाल, दयानंद, आलोक, अवधेश, नीरज, मोहित परिहार, रमाकांत, दीपक, राजवीर, रामकुमार, गंगाचरन, श्रीपाल ने बताया कि वे लोग स्कूलों में मैजिक वाहन लगाकर रोजी रोजगार कर रहे हैं। उनकी गाडिय़ों के बीमा, फिटनेस, रजिस्ट्रेशन कंपलीट है, फिर भी तमाम कमियां निकालकर गाड़ियों का चालान व उन्हें सीज कर चालकों को जेल भेजने की धमकी दी जाती है। इसके चलते आज बड़ी संख्या में स्कूली वाहन काम पर नहीं गए। जिस व्यवस्था से गाड़ी संचालन करने को कहा जा रहा है, वह बहुत महंगी है और बीच सत्र में अभिभावक भी इस व्यवस्था से भुगतान नहीं कर सकता है। लिहाजा स्कूली वाहन चालकों का उत्पीड़न बंद किया जाए अन्यथा 30 नवंबर से वे अपने वाहनों का सरेंडर करने का विवश होंगे।