उरई। स्टेडियम से बिना कारण बताए महीनों से छुट्टी बिताने वाली कोच ने स्टेडियम में बतौर कोच काम संभाल लिया है। इसके साथ ही खिलाड़ियों का प्रशिक्षण भी शुरू हो गया है। कोच पूजा न आने से खिलाड़ी निराश हो रहे थे। इसमें कुछ खिलाड़ियों ने अपने खेल तक बदल लिए थे। खिलाड़ियों की समस्या को संवाद न्यूज एजेंसी ने प्रमुखता से प्रकाशित किया था। जिसके बाद क्रीड़ा अधिकारी ने कोच को नोटिस देकर जवाब मांगा। जवाब आने से पहले ही उन्होंने स्टेडियम में अपनी ज्वाइनिंग कर ली और प्रशिक्षण शुरू कर दिया।
स्टेडियम में चार खेलों के चार कोच हैं। इसमें से तीन कोंच शासन से तीन-तीन साल के लिए रखे गए हैं। जनवरी माह में तीनों कोच के तीन साल पूरे हो गए थे। उनका एग्रीमेंट खत्म हो गया था। चुनाव के चलते अप्रैल में तीनों कोच का एग्रीमेंट फिर से रिन्यूअल हो गया था। इसमें से दो कोच ने ज्वाइनिंग तो अप्रैल में कर ली थी, लेकिन हॉकी के कोच पूजा ने ज्वाइन नहीं किया था। एक महीना बीतने के बाद भी उन्होंने इस बात की जानकारी खेल विभाग को नहीं दी।
उनके ज्वाइन नहीं करने से खिलाड़ी हॉकी में प्रशिक्षण के लिए परेशान हो रहे थे। कुछ बिना कोच के प्रशिक्षण ले रहे थे तो कुछ अपने खेल ही बदल बैठे थे। खिलाड़ियों की समस्या को 11 मई को अमर उजाला ने अपने अंक में एक माह बाद भी कोच ने नहीं किया ज्वाइन, खिलाड़ी निराश के शीर्षक से प्रकाशित किया था। इसके बाद खेल विभाग ने उनको नोटिस भेजकर जवाब मांगा था।
उन्होंने पिछले सप्ताह जवाब देने से पहले ही ज्वाइन कर लिया। उन्होंने खिलाड़ियों को प्रशिक्षण देना शुरू कर दिया। हॉकी में आठ खिलाड़ियों ने पंजीकरण भी करवा लिया। हॉकी में कोच मिल जाने से खिलाड़ियों को भी सहूलियत मिलने लगी। वहीं क्रीड़ा अधिकारी सिराजुद्दीन ने बताया कि खिलाड़ियों की समस्या को कोच से बात करके उन्हें ज्वाइन करके के लिए कहा था। उन्होंने ज्वाइन कर लिया है। अब खिलाड़ियों को सहूलियत मिलेगी। इनकी संख्या बढ़ाने के लिए भी प्रयास किए जाएंगे।