पर्वत सिंह कुशवाहा की फाइल फोटो।
- फोटो : स्रोत परिजन
कोंच। ठंड से बचने के लिए घर के आंगन में अलाव जला रहे होमगार्ड के कपड़ों में आग लग गई। इससे वह बुरी तरह से झुलस गए। परिजन अस्पताल ले गए, वहां से हालत नाजुक होने पर उन्हें मेडिकल कालेज झांसी रेफर कर दिया गया। रात में इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। बड़े भाई ने बताया कि पर्वत सिंह के शरीर में कंपन होता था, जिसका इलाज ग्वालियर में चल रहा था।
कोतवाली क्षेत्र के कुदरा बुजुर्ग गांव निवासी पर्वत सिंह कुशवाहा (56) बुधवार देर शाम अपने घर के आंगन में अलाव जला रहे थे, तभी अचानक किसी तरह उनके कपड़ों में आग लग गई। इससे वह बुरी तरह झुलस गए। चीखपुकार सुन दौड़े परिजनों ने उन्हें कोंच अस्पताल पहुंचाया। जहां से झांसी मेडिकल के लिए रेफर कर दिया गया। रात में इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई।
गुरुवार सुबह परिजन शव गांव में लाए और पुलिस को सूचना दी। बताया गया कि घटना के वक्त परिजन खेत पर थे जबकि घर के अंदर वाले हिस्से में बड़ी बहू संगीता किचिन में काम कर रही थी। मृतक के दो विवाहित बेटे नीरज व नीलेश हैं, वह परिजनों संग जिला प्रतापगढ में रहकर पानी-पूरी का धंधा करते हैं। मकर संक्रांति पर गांव आए थे।
मृतक के बड़े भाई नारायण सिंह ने बताया कि पर्वत सिंह के शरीर में कंपन होता था, जिसका इलाज ग्वालियर में चल रहा था। इस कारण कुछ दिनों से वह कोतवाली में ड्यूटी पर भी नहीं जा पा रहा था। कोतवाल अरुण कुमार राय का कहना है कि बीमारी के चलते कुछ दिनों से होमगार्ड ने अपनी आमद कोंच कोतवाली में नहीं कराई थी। सूचना पर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है।