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मौसम ने ली करवट, किसानों के चेहरे खिले

Thu, 29 Oct 2015 12:05 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, जालौन
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मंगलवार रात शुरू हुई रिमझिम बारिश बुधवार को भी दिन भर जारी रही। मौसम के करवट बदलने से जहां एक ओर सर्दी की आहट मिली, वहीं दूसरी ओर किसानों को भी बड़ी राहत मिलती दिखी। पलेवा के लिए किसानों को पानी की सख्त आवश्यकता थी।
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इस बारिश ने किसानों की इच्छा पूरी कर दी। वहीं तापमान में खासी गिरावट देखी गई। अधिकतम तापमान में 11 डिग्री तो न्यूनतम तापमान में 2 डिग्री की गिरावट दर्ज की गई है। इस वर्ष बरसात के मौसम में कम बारिश होने से किसानों को काफी नुकसान उठाना पड़ा।

पानी के अभाव में किसानों की फसल भी बर्बाद हुई है। अब रबी की फसल के लिए किसानों को पलेवा करना था। काफी दिनों से किसान बारिश होने का इंतजार कर रहे थे। मंगलवार रात एक बजे के बाद बारिश शुरू हो गई। यह बुधवार को दिन भर रुक-रुककर जारी रही।
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बारिश होते ही मौसम ने अचानक करवट ले ली। बुधवार को दिन में मौसम काफी ठंडा रहा। तापमान में करीब 11 डिग्री की गिरावट दर्ज की गई। लोगों को लगा मानों सर्दी शुरू हो गई है। शाम तक शहर में कई लोग हाफ स्वेटर मेें नजर आए।

वहीं दिन में बारिश होने से व्यापार काफी प्रभावित रहा। ग्रामीण क्षेत्रों से खरीददार बहुत कम संख्या में शहर में खरीदारी करने आए। शहरी भी आवश्यक काम होने पर ही घरों से निकले। इससे बाजारों में कम रौनक दिखी। मौसम प्रेक्षक पुरुषोत्तम कुशवाहा ने बताया कि मौसम में यह बदलाव पश्चिमी विक्षोभ के चलते हुआ है।

यह अगले दो दिनों तक जारी रहेगा। इसके चलते अगले दो दिनों तक आकाश में बादल छाए रहेंगे और रुक-रुक कर बरसात होती रहेगी। उन्होंने कहा कि कश्मीर में बदले मौसम और बर्फ गिरने के चलते भी यहां मौसम में बदलाव देखने को मिल रहा है। तापमान में भी गिरावट जारी रहेगी।

जालौन प्रतिनिधि के मुताबिक इस समय खेतों में पलेवा का कार्य चल रहा है। मंगलवार सुबह लगभग 4 बजे से शुरू हुई रिमझिम बारिश से किसानों के चेहरों पर खुशी दिखाई दी। उनका कहना है कि यदि ठीकठाक पानी बरसा तो खेतों में रौनक दिखेगी।

क्षेत्रीय किसानों में भिटारा, विजय शर्मा छिरिया, अशोक उदैनियां आदि कहते हैं कि इस बार यदि मौसम ने साथ दिया तो हो सकता है कि किसानों की स्थिति में कुछ सुधार हो जाए। वैसे अभी मौसम को देखते हुए समय से पलेवा व खेतों में बुआई होने की उम्मीद जगी है।
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