बाल श्रम कराना कानूनी अपराध है। विभाग ने अभियान चलाकर तीन अलग-अलग
स्थानों अवैध रूप से काम पर लगाए गए बच्चों को पकड़ा। इस दौरान दोषियों के
खिलाफ कानूनी कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। यह जानकारी श्रम
प्रवर्तन
अधिकारी नीलम विश्वकर्मा ने एक कार्यक्रम के दौरान दी। मंगलवार
को महेवा विकास खंड क्षेत्र के श्रमिकों के पंजीयन शिविर का आयोजन किया
गया। इस दौरान अध्यक्षता कर रही श्रम प्रवर्तन अधिकारी नीलम विश्वकर्मा ने
बताया कि बीते सप्ताह
उपजिलाधिकारी गोरेलाल शुक्ला, सीओ एवं
शिक्षाधिकारियों के साथ उन्होंने बालश्रम के खिलाफ अभियान चलाया। इसमें
विनोद किराना स्टोर कालपी में काम करते हुए 13 वर्षीय सुभाष पुत्र विजय का
सत्यापन किया। वहीं, संजय किराना स्टोर से 12
वर्षीय फैज पुत्र सलीम
भट्टीपुरा को छुड़ाया गया। कदौरा कस्बे में लाला बर्तन भंडार में 12 वर्षीय
प्रयांशु पुत्र गोपीचरन को काम करते हुए सत्यापन किया गया। तीनों
दुकानदारों को बालश्रम करने को लेकर विभाग के द्वारा नोटिस देकर कार्रवाई
शुरू
कर दी है। वहीं, श्रमिक पंजीयन शिविर में मंगलवार को 45 मजदूरों का
रजिस्ट्रेशन कराया गया। 22 जनवरी से अब तक चलाए गए कदौरा व महेबा विकास
खंड के अलग-अलग क्षेत्रोें में चार शिविरों का आयोजन किया गया। इसमें 502
श्रमिकों
का पंजीयन कराया जा चुका है। कहा कि पंजीकृत श्रमिकों को प्रदेश
सरकार के द्वारा चलाई जा रही 15 योजनाओं का लाभ सीधे मिलने लगेगा।