उरई। थाना परिसर में हुए चर्चित थाना प्रभारी हत्याकांड मामले में जेल में बंद महिला सिपाही मीनाक्षी शर्मा की जनपद न्यायाधीश की अदालत में पेशी हुई। सुनवाई के दौरान अदालत ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद आरोपी के खिलाफ प्रथम दृष्टया पर्याप्त साक्ष्य मानते हुए आरोप तय कर दिए। वहीं बचाव पक्ष के अधिवक्ता ने आरोपी को बेगुनाह बताते हुए आरोपों से इन्कार किया।
अदालत ने मामले में गवाहों की गवाही दर्ज करने की प्रक्रिया शुरू करने के निर्देश दिए हैं। मामले की अगली सुनवाई 6 जून को तय की गई है। इसमें अभियोजन पक्ष को पहला गवाह पेश करने का आदेश दिया गया है।
गौरतलब है कि अरुण राय निवासी बी-117, आवास विकास कॉलोनी, विकास नगर विस्तार, गोरखपुर घटना के समय कुठौंद थाने में थाना प्रभारी के पद पर तैनात थे। 5 दिसंबर 2025 की रात थाना परिसर स्थित सरकारी आवास में उनके सिर में गोली लगने से मौत हो गई थी।
मामले में मृतक की पत्नी माया राय ने 6 दिसंबर 2025 को महिला सिपाही मीनाक्षी शर्मा के खिलाफ हत्या की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। इसके बाद 7 दिसंबर को पुलिस ने आरोपी को शहर के रोडवेज बस स्टैंड से गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया था, जहां से उसे जेल भेज दिया गया था।
पुलिस जांच पूरी होने के बाद महिला सिपाही के खिलाफ हत्या के मामले में 8 मार्च 2026 को न्यायालय में चार्जशीट दाखिल की गई थी। घटना के करीब पांच माह बीत जाने के बाद भी आरोपी महिला सिपाही को अब तक जमानत नहीं मिल सकी है। इस मामले में उसकी कई बार अदालत में पेशी हो चुकी है।
मंगलवार को आरोप तय होने के बाद अदालत ने ट्रायल शुरू करते हुए गवाही दर्ज करने की प्रक्रिया प्रारंभ करने के आदेश दिए हैं।