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Jalaun News: अचानक ब्रेक लगाने पर ट्रक में घुसी कार, मामा-भांजे की मौत

Wed, 23 Apr 2025 12:29 AM IST
कानपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, जालौन
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उरई। बुंदेलखंड एक्सप्रेस पर जा रहे ट्रक ने अचानक ब्रेक लगा दिए। इससे तेज रफ्तार कार उसमें घुस गई। हादसे में कार में सवार छह लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। पुलिस ने सभी को उरई के मेडिकल कॉलेज पहुंचाया। यहां पांच घंटे तक युवक दर्द से कराहता रहा, लेकिन उसे इलाज नहीं मिला और उसकी मौत हो गई। मेडिकल कालेज उरई में शाम को इलाज के दौरान उसके मामा की भी मौत हो गई। उसके पिता व नाना को गंभीर हालत में कानपुर रेफर किया गया।
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सिरसाकलार थाना क्षेत्र के दमरास गांव निवासी पूर्व सैनिक सत्येंद्र सिंह (56) कई सालों से परिवार के साथ मोहल्ला बघौरा बाईपास में रहते हैं। उनके साले माधव सिंह के बेटे की मई में शादी है। वह पुत्र पवन सिंह (27), कुडरी गांव, झांसी निवासी ससुर अजान सिंह परिहार (70), साले माधव सिंह (45) व उसकी पत्नी दीपा व झांसी निवासी साली अहिल्या (35) के साथ सोमवार को बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे से होकर नवादा जा रहे थे। कार पवन चला रहा था।
जब कार हमीरपुर जिले के जरिया थाना क्षेत्र में पहुंची कि आगे जा रहे ट्रक चालक ने अचानक ब्रेक लगा दिए। इससे चालक पवन कार को कंट्रोल नहीं कर पाया और वह ट्रक में घुस गई। एयर बैग खुलने के बाद भी कार में सवार सभी छह लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। हादसे की सूचना पर पहुंची पुलिस ने सभी को कार से निकलवाकर मेडिकल कालेज पहुंचाया। जहां इलाज पांच घंटे तक इलाज न मिलने से पवन की मौत हो गई। देर रात उसके मामा माधव की भी मौत हो गई। जबकि पिता सतेंद्र व नाना अजान सिंह को कानपुर रेफर कर दिया गया। परिजनों ने बताया कि उसके दो बेटियां हैं। वह खेती किसानी करता था। उसकी मौत से मां सुखदेवी पत्नी राधा सहित अन्य परिजनों का रो रोकर बुरा हाल है। घटना के बाद ट्रक लेकर चालक मौके से भाग गया है।
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पांच घंटे तक स्ट्रेचर पर दर्द से कराहता रहा पवन, नहीं मिला उपचार
उरई। बुंदेलखंड एक्सप्रेस पर ट्रक के अचानक ब्रेक लगाने से कार उसमें घुस गई थी। एयर बैग खुलने से पवन, सत्येंद्र व अजान सिंह को गंभीर चोट आई थी। स्थानीय पुलिस ने सभी को एंबुलेंस से मेडिकल कालेज भेज दिया था। जानकारी पर परिजन भी मेडिकल कालेज पहुंच गए थे। दोपहर 12 बजे सभी घायल अस्पताल पहुंच गए। जहां पवन की हालत गंभीर बनी हुई थी। परिजनों का आरोप है कि पांच घंटे तक वह स्ट्रेचर पर ही पड़ा दर्द से कराहता रहा। लेकिन उसे कोई उपचार नहीं दिया गया। आरोप है कि जब उन्होंने वहां मौजूद डॉक्टरों से गुहार लगाई तो वह उल्टा ही रौब झाड़ने लगे और परिजनों से अभद्रता करने लगे। मृतक के चाचा प्रवेंद्र व पंकज ने बताया कि पांच बीतने के बाद जब उन्होंने रेफर के लिए कहा तो डॉक्टर ने उसे एक इंजेक्शन लगा दिया और थोड़ी ही दे्र में पवन की मौत हो गई। परिजनों का कहना है कि उसकी हालत इतनी खराब नहीं थी कि उसकी मौत हो जाती। लेकिन मेडिकल प्रबंधन की लापरवाही से उनके भतीजे की मौत हो गई। मौत के बाद परिजनों ने इलाज में लापरवाही का आरोप लगाते आक्रोश जताया। लोगों का कहना है कि इमरजेंसी में तैनात डॉक्टर प्रतिदिन वहां पहुंचने वाले मरीजों से अभद्रता करते हैं विरोध करने पर मारपीट भी कर देते हैं।



वर्जन
इलाज में लापरवाही की बात परिजनों की तरफ से कही जा रही है। इस मामले की जानकारी मिलते ही एक टीम को इसकी जांच के लिए लगा दिया गया है। पूरे मामले की जांच कराने पर दो लोगों को दोषी पाया गया है। इन पर कार्रवाई की प्रक्रिया चल रही है। -अरविंद्र त्रिवेदी प्राचार्य मेडिकल कालेज उरई
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