जालौन। सड़क पर चलते डग्गामार वाहनों के चलते प्राइवेट बस संचालकों को लगातार घाटा हो रहा है। वह अपने कर्मचारियों को वेतन तक नहीं दे पा रहे हैं। शिकायतों के बाद भी कार्यवाही न होने से परेशान बस संचालकों ने गुरूवार से बसों के संचालन को बंद करने की घोषणा कर दी। जिससे प्राइवेट बसों के पहिये थम गए। लोगों को अपने गंतव्य तक पहुंचने के लिए परेशान होना पड़ा।
नगर से लगातार डग्गामार वाहनों का संचालन हो रहा है। बस संचालकों को सबसे अधिक परेशानी ऑटो से है। इन ऑटो का 16 किमी तक का लाइसेंस होता है। इसके बाद भी ऑटो संचालक 40 से 50 किमी. तक की सवारियां ढोते नजर आते हैं। नगर के देवनगर चौराहे पर दर्जनों ऑटो खड़े होकर सवारियों को लाते और ले जाते हैं। ऑटो व डग्गामार वाहनों के संचालन पर रोक न लग पाने के कारण उनकी बसों को पर्याप्त सवारी नहीं मिल पा रही है। सवारियां न मिलने के कारण बस चालक संचालकों को नुकसान हो रहा है। नुकसान के चलते बस संचालक कर्मचारियों को वेतन नहीं दे पा रहे हैं।
परेशान बस संचालकों ने गुरूवार को हड़ताल कर दी और इसकी सूचना परिवहन विभाग, पुलिस व प्रशासनिक अधिकारियों को दे दी है। ऐसे में गुरूवार सुबह से ही बसों का संचालन बंद हो गया। बसों का संचालन बंद होने से सवारियां पूरे दिन परेशान रहीं। बस संचालकों ने घोषणा की है कि अगर समस्या का समाधान नहीं हुआ तो एक मई के बाद वह अपना परमिट सरेंडर कर देगें। उधर, बस संचालकों की हड़ताल की सूचना पर चौकी प्रभारी दामोदर दास ने बस संचालकों को समझाने का प्रयास किया लेकिन बात नहीं बनी। इस मौके पर बस संचालक मखंचू यादव, श्रीराम, जग्गा, संजीव, राजू गुप्ता, राजू यादव, सज्जन तोमर, मुलू दोहरे, उमेश सोनी, भूरे सिंह, रामप्रकाश, प्रदीप आदि मौजूद रहे।
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डग्गामारी को लेकर बस कर्मचारियों ने की हड़ताल
फोटो- 28 कर्मचारियों को समझाते एआरटीओ। संवाद
उरई। लगातार शिकायत और डग्गामारी पर कार्रवाई नहीं होने पर कर्मचारी हड़ताल पर चले गए। इससे सवारियों को परेशानी हुई। जब अधिकारियों की तरफ से आश्वासन मिला। तब जाकर हड़ताल खत्म हुई। बुधवार सुबह कर्मचारी बस स्टैंड नहीं पहुंचे। कर्मचारी न आने और हड़ताल पर रहने की जानकारी एआरटीओ राजेश कुमार को हुई तो उन्होंने सभी कर्मचारियों के साथ रोडवेज बस स्टैंड के यूनियन कार्यालय पर बैठक की। इसमें कर्मचारियों ने बताया कि उरई से लेकर औरेया तक डग्गामारी लगातार बढ़ती जा रही है। बिना परमिट के ऑटो सवारियां ढो रहे हैं। मंगलवार को एसडीएम को ज्ञापन भी सौंपा था। इसके बाद भी सुनवाई नहीं हुई। उन्होंने आश्वासन दिया की डग्गामारी पूरी तरह से बंद होगी। इसके लिए अभियान चलेगा। आश्वासन के बाद करीब तीन बजे से फिर से बस चालू हो गई। इस मौके पर जुल्फी, नुन्ना, भूरे सेंगर आदि मौजूद रहे। (संवाद)