कालपी डिग्री कालेज में शपथ लेतीं छात्राएं।
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कालेज के प्राचार्य डॉ. एम सिंह ने कहा कि छात्राएं स्वयं को किसी से कम न समझे, आज के दौर में बेटियां भी अपने माता पिता का नाम रोशन कर रही है। जरूरत है तो सिर्फ मन के भीतर आत्मविश्वास जगाने की, इसके बाद सफलता मुठ्ठी में होगी। इसी कड़ी में सभी शिक्षक शिक्षिकाओं और छात्र छात्राओं ने नारी गरिमा को अक्षुण्ण बनाए रखने की शपथ ली। प्रोफेसर डॉ. डीपी सिंह एवं डॉ. सुधा गुप्ता ने कहा कि नारी को किसी भी क्षेत्र में कम नहीं आंकना चाहिए। यदि वह अपनी सौम्यता व स्नेह से परिवार चला सकती है तो घर की चाहरदीवारी से बाहर निकलकर भी अपना और परिवार का नाम रोशन कर सकती है।
डॉ. मधु प्रभा तिवारी, डॉ. सोमचंद्र ने कहा कि बेटियां दो घरों को चलाती है। इसलिए उनका महत्व बेटों से अधिक है। बेटियों को चाहिए वे अपना करियर स्वयं चुने और इस बारे में अभिभावकों से खुलकर बात करें। स्वतंत्रा नारी का भी अधिकार है। डॉ. संतोष और डॉ. आनंद चौधरी ने बताया कि आज शायद ही ऐसा कोई क्षेत्र हो, जिसमें महिलाएं अपनी क्षमता न दिखा रही हो, पढ़ी लिखी नारी अपने पैरों पर खड़ी होकर अपनी मंजिल पा रही है। इसके बाद सभी ने अपराजिता के अंतर्गत नारी गरिमा को अक्षुण्ण बनाए रखने की शपथ ली। इस मौके पर डॉ. कीर्ति पोरवार, डॉ. विजेंद्र, डॉ. चंद्रभान सिंह, डॉ. विवेक निरंजन आदि मौजूद रहे।