मजेदार बात यह है कि गिरीश भाजपा से तो इकबाल मंसूरी समाजवादी पार्टी से नगर अध्यक्ष के पद पर रह चुके हैं। गिरीश गुप्ता को कुल 9816 मत प्राप्त हुए। तीसरे नंबर सपा के चंद्रप्रकाश उर्फ थोपन यादव रहे जिन्हें 4150 मत मिले हैं। लड़ाई में माने जा रहे जिला पंचायत सदस्य रामकुमार गुप्ता के भाई और बसपा प्रत्याशी प्रेम कुमार गुप्ता को 3977 मत पाकर चौथे नंबर पर रहना पड़ा।
सामान्य सीट पर शुरू से ही भाजपा के लिए कठिनाई थी, लेकिन पेशे से कारोबारी और समाजसेवा में आगे रहने वाले गिरीश गुप्ता को जनता का आशीर्वाद मिला। गिरीश की पत्नी मंजू देवी ने दो बार वार्ड से सभासद रह चुकी हैं। जालौन सीट पर मुस्लिम वोटों का बंटवारा भी गिरीश के लिए फायदेमंद साबित हुआ। यह बात और है कि लड़का-लड़की के चिन्ह पर चुनाव लड़ रहे इकवाल मंसूरी ने सपा, बसपा को हराकर अपनी ताकत और सपा को उसकी भूल का एहसास कराया। हालांकि परिणाम भाजपा के पक्ष में रहा।
जीत पर विरोधियों ने भी दी बधाई
मतगणना स्थल पर जैसे ही गिरीश की जीत घोषित हुई तो एक ओर भाजपाइयों के चेहरों पर खुशी थी, तो वहीं मौजूद विरोधी दलों के समर्थकों के चेहरे मायूस नजर आ रहे थे। इसके बावजूद सपा प्रत्याशी चंद्र प्रकाश और बसपा के प्रेम कुमार ने आगे बढ़कर गिरीश को उनकी जीत पर बधाई दी। इस पर गिरीश ने भी दोनों को गले से लगा लिया।