फोटो - 29 कोहरे के बीच दिन में लाइट जलाकर निकलता ट्रक। संवाद
उरई। जिले में सर्दी का प्रकोप लगातार बढ़ता जा रहा है। रविवार को कड़ाके की ठंड ने जनजीवन को पूरी तरह से घरों में दुबकने को मजबूर कर दिया। न्यूनतम तापमान गिरकर सात डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया, जबकि अधिकतम तापमान भी 15 डिग्री पर सिमट गया। ठंडी हवा और तेज गलन के चलते दिन में भी लोगों को ठिठुरन का एहसास होता रहा।
सुबह से ही जिले भर में कोहरे और ठंडी हवाओं का असर देखने को मिला। आमतौर पर गुलजार रहने वाले बाजारों में देर तक सन्नाटा छाया रहा। आवश्यक वस्तुओं की दुकानें भी सीमित समय के लिए ही खुलीं। सड़कों पर वाहनों की आवाजाही कम रही और लोग अनावश्यक रूप से घरों से बाहर निकलने से बचते नजर आए। ठंड से बचाव के लिए चौक-चौराहों और मोहल्लों में लोग अलाव जलाते दिखाई दिए। सुबह और शाम के समय दिहाड़ी मजदूरों, रिक्शा चालकों और खुले में काम करने वालों को सबसे अधिक परेशानी झेलनी पड़ी। ठिठुरन से राहत पाने के लिए लोग गर्म कपड़ों, मफलर और टोपी का सहारा लेते दिखे। वहीं बाजारों में ऊनी कपड़ों और हीटर की मांग भी बढ़ गई।
कड़ाके की ठंड का असर बच्चों और बुजुर्गों की सेहत पर भी पड़ रहा है। कई लोग सर्दी-जुकाम और खांसी की शिकायत लेकर अस्पतालों और निजी क्लीनिकों तक पहुंच रहे हैं। चिकित्सकों ने ठंड में सतर्क रहने, गर्म कपड़े पहनने और सुबह-शाम बेवजह बाहर न निकलने की सलाह दी है।
मौसम वैज्ञानिक कुलदीप कुमार गुप्ता के अनुसार पश्चिमी विक्षोभ के असर से अगले कुछ दिनों तक ठंड का प्रकोप बना रह सकता है। ऐसे में बिना किसी काम के बाहर न निकलना स्वास्थ्य के लिए सही रहेगा।