फोटो - 23 साक्षात्कार में मौजूद महिला। संवाद
- फोटो : दाऊदयाल स्टेडियम मेंआयोजित सांसद खेल कार्यक्रम में सम्मानित किए खिलाड़ी एवं राज्यसभा सांसद अरुण सिंह एव अन्य जनप्रतिनिधि। स्रोत: विभाग
उरई। जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में बैंकिंग सेवाओं को मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है। स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी बीसी सखियां अब गांव-गांव बैंकिंग सुविधाएं उपलब्ध कराएंगी। जनपद में बीसी सखी के कुल 175 पद स्वीकृत हैं, जिनके सापेक्ष महिलाओं से आवेदन आमंत्रित किए गए थे।
शुक्रवार को सखी समुदाय प्रबंधित संस्थान राहिया में जिले के सभी विकासखंडों की 166 ग्राम पंचायतों के लिए चयन प्रक्रिया आयोजित की गई। इस दौरान बीसी सखी पद के लिए आवेदन करने वाली महिलाओं की लिखित परीक्षा कराई गई। वहीं, साक्षात्कार भी लिया गया। चयन प्रक्रिया में उपायुक्त स्वतः रोजगार अखिलेश तिवारी, आरसेटी (इंडियन बैंक) के निदेशक तथा जिला मिशन प्रबंधक दुर्गा प्रसाद मौजूद रहे।
चयनित बीसी सखियां गांवों में ही पॉस मशीन के माध्यम से ग्रामीणों को नकद निकासी करेंगी। इससे खासकर बुजुर्गों, महिलाओं और दूर-दराज के ग्रामीणों को बैंक शाखाओं तक जाने की जरूरत नहीं पड़ेगी।
परियोजना निदेशक अखिलेश तिवारी ने बताया कि, इस योजना के तहत बीसी सखियों को निर्धारित लेनदेन के आधार पर प्रोत्साहन राशि भी दी जाएगी। इससे महिलाओं को गांव में ही रोजगार का अवसर मिलेगा और वे आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बन सकेंगी।
योजना के लागू होने से न सिर्फ ग्रामीण बैंकिंग व्यवस्था को मजबूती मिलेगी, बल्कि स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाओं की भूमिका भी सामाजिक और आर्थिक रूप से और सशक्त होगी। ग्रामीणों को उम्मीद है कि बीसी सखी योजना से बैंकिंग सेवाएं अधिक सुलभ और पारदर्शी बनेंगी।