युग पुरुष, संविधान रचयिता, भारत रत्न बाबा साहब भीमराव अंबेडकर की 125वीं जयंती पर भव्य शोभायात्रा निकाली गई। शोभायात्रा में उन महापुरूषों के चित्र, जिन्होंने समाज के शोषित और कमजोर वर्ग के उत्थान के लिए योगदान दिया, खास आकर्षण रहे।
रोडवेज बस स्टेंड स्थित बौद्घ विहार से शोभायात्रा निकली। ढ़ोल नगाड़ों और बैंड बाजों की धुनों पर लोग खूब नाचे। शोभायात्रा में सबसे आगे हाथ व घोड़े थे। साथ ही बाबा साहब के विशाल चित्र तथा शोषित तबके को न्याय दिलाने बाले महापुरूषों बुद्घ, शाहूजी महाराज, महात्मा ज्योतिबा फुले, संत गॉडगे, संत रविदास, महर्षि बाल्मीकि, रमाबाई अंबेडकर, झलकारीबाई, बिजली पासी, कांशीराम आदि चित्र शोभायात्रा की शोभा बढ़ा रहे थे।
शोभायात्रा प्रमुख मार्गों से होकर निकली। पालिका कार्यालय के सामने पालिका चेयरपर्सन प्रतिनिधि विज्ञान विशारद सीरौठिया के अलावा सभासदों राघवेंद्र तिवारी, संजय सोनी, अनुराग गुप्ता, मनोज , बादामसिंह कुशवाहा, शमसुद्दीन मंसूरी, फहीम काजी, सुनील कुशवाहा, गोविंद वेलदार आदि ने बाबा साह के चित्र पर माल्यार्पण किया।
आयोजन समिति डॉ. भीमराव अंबेडकर सामाजिक समिति के अध्यक्ष ओमप्रकाश, जितेंद्र राय अहिरवार, रवींद्रनाथ राम, अशोक शास्त्री, शहर काजी बशीरउद्दीन, आनंद चौधरी, राजाबाबू, शिवपालसिंह पटेल, वीरेंद्र, दीनदयाल बाबूजी, विशंभरदयाल जाटव, हल्के सिंह बघेल, श्याम किशोर मास्टर, संगीता राय, गीता देवी, ज्योति, रमाकांती, कोमल आदि सैकड़ों लोग मौजूद रहे। शोभायात्रा का समापन गांधीनगर में गोष्ठी के साथ हुआ। गोष्ठी में बाबा साहब के जीवन वृत्त पर प्रकाश डालते हुए उन्हें आज के समय में प्रासंगिक बताया गया।