कोतवाली कोंच में अपराधों की समीक्षा करते एएसपी सुभाष चंद्र शाक्य
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अपर पुलिस अधीक्षक सुभाषचंद्र शाक्य ने अपराधों की रोकथाम में थानेदारों और बीट सिपाहियों की बड़ी जिम्मेदारी तय की है। उन्होंने जोर दिया कि किसी भी सूरत में संगठित अपराधों पर कड़ाई से अंकुश लगाया जाए। कहा, इस बात पर पैनी नजर हैं कि इन संगठित अपराधों में किस पुलिस कर्मी की कितनी मिलीभगत है। अगर ऐसा है तो उन पुलिसकर्मियों को जल्द
ही बेनकाब कर कड़ा दंड दिया जाएगा। एएसपी कोतवाली कोंच सर्किल के सभी चारो थानों की अपराध समीक्षा बैठक ले रहे थे। उन्होंने एसओ व थानेदारों से कहा कि वे इमानदारी से लोगोें को न्याय दिलाएं। उन्होंने बीट कांस्टेबिल को अपराधों की रोकथाम व अपराधियों पर कड़ी नजर रखने की सबसे मजबूत कड़ी मानते हुए उनकी जिम्मेदारी तय की। नदीगांव
थाने के सिपाही सुरजीत सिंह को बीट के बाबत उम्दा जानकारी के लिए पांच सौ रुपये का पुरस्कार एएसपी ने दिया। एएसपी ने कोंच कोतवाली, थाना एट, नदीगांव व कैलिया के अपराधों की समीक्षा की। सबसे ज्यादा 53 विवेचनाएं लंबित होने पर उन्होंने कोतवाली पुलिस की अच्छी क्लास लगाई। उन्होेंने कोतवाल को विवेचनाओं को समयबद्ध ढंग से
निस्तारित करने के निर्देश दिए। एट थाने में 28 विवेचनाएं लंबित पाई गईं। इस दौरान एट थानाध्यक्ष की भी एएसपी ने क्लास लगा दी। नदीगांव और कैलिया थानों में क्रमश: 6 व 5 विवेचनाओं को भी उन्होंने जल्द निस्तारित करने को कहा। एएसपी ने नए सिपाहियों को पुलिसिंग से संबंधित प्राथमिक जानकारियां देते हुए कहा कि उन्हें बीट, एफआईआर के बारे में
पता होना चाहिए। इस दौरान कोतवाल कोंच शिवमोहन प्रसाद, सागर चौकी इंचार्ज रवीन्द्र त्रिपाठी, खेड़ा चौकी इंचार्ज विक्रमसिंह, सुरही चौकी इंचार्ज संजीव यादव, मंडी चौकी इंचार्ज उदयपाल सिंह, दरोगा राजेन्द्रप्रसाद द्विवेदी, नदीगांव एसओ प्रमोदकुमार, अरविंद द्विवेदी आदि मौजूद रहे।