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मंदिर से लाखों की अष्टधातु की मूर्तियां चोरी

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मंदिर के पीछे झाड़ियों में पड़ा मुकुट कपड़े व डिब्बा - फोटो : ORAI
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सिरसाकलार (जालौन)। कोड़ाकिर्राही गांव स्थित प्राचीन मंदिर को निशाना बनाते हुए चोरों ने मंदिर के पिछले दरवाजे को तोड़कर मंदिर में स्थापित श्रीराम जानकी, लक्ष्मण व लड्डू गोपाल की अष्टधातु की बेशकीमती मूर्तियां चोरी कर लीं। तड़के जब पुजारी पूजा करने पहुंचा तो चोरी की जानकारी हुई तो उसने पुलिस व ग्रामीणों को सूचना दी। पुजारी की सूचना पर पहुंची थाना पुलिस व फोरेंसिक टीम ने जांच पड़ताल की। मंदिर के महंत ने पुलिस को तहरीर दे दी है। थाना प्रभारी सौरभ सिंह का कहना है कि जांच पड़ताल कर चोरों का पता लगाया जा रहा है।
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सिरसाकलार थाना क्षेत्र के ग्राम कोड़ाकिर्राही में चोरों ने शनिवार देर रात प्राचीन श्रीरामजानकी मंदिर के पीछे का दरवाजा तोड़कर श्रीरामजानकी, लक्ष्मण व लड्डू गोपाल की अष्टधातु की वजनी व बेशकीमती मूर्तियों चोरी कर लीं। वहीं चोर एक पीतल का सिंहासन भी चोरी कर ले गए। मंदिर के पुजारी बाबूराम अवस्थी ने बताया कि वह शाम को आरती करने के बाद मंदिर बंद कर खेतों पर पानी लगाने चले गए थे। जबकि मंदिर में गांव का दिव्यांग सर्वेश सो रहा था। वह रविवार सुबह पांच बचे जब वह मंदिर में पूजा करने पहुंचे तो मेन गेट का दरवाजा टूटा देख अंदर जाकर देखा तो रामजानकी, लक्ष्मण और लड्डू गोपाल की मूर्तियां गायब थीं।
उसने इसकी सूचना थाना पुलिस को दी। वहीं जब मंदिर की चोरी की जानकारी जब गांव के लोगों को हुई को गांव में हड़कंप मच गया। सूचना पर पहुंचे थानाध्यक्ष सौरभ सिंह व फोरेंसिक टीम ने जांच पड़ताल की। वहीं मंदिर के पीछे जंगल में झाड़ियों में चोरों द्वारा फेंकी गईं मूर्तियों की पोशाकें, मुकुट व खाली डिब्बी पड़ी मिली। मंदिर के महंत के भाई दिनेश कुमार अवस्थी ने थाना पहुंचकर पुलिस को चोरी की तहरीर दी है। मंदिर में चोरी का जानकारी पर पहुंचे सीओ सुबोध गौतम ने पुजारी व ग्रामीणों से जानकारी ली। उन्होंने बताया कि चोरों का पता लगाया जा रहा है। ग्रामीण कह रहे हैं कि मूर्तियां लाखों-करोड़ों की हैं, लेकिन मूर्तियों की सही कीमत का आकलन तभी हो पाएगा, जब मूर्तियां मिलेंगी।
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लगभग 100 वर्ष पुराना है मंदिर
कोड़ा किर्राही के ग्रामीणों ने बताया कि मंदिर के महंत सुवेशचंद्र अवस्थी निवासी जगम्मनपुर थाना रामपुरा के पूर्वजों ने लगभग 100 वर्ष पूर्व कोड़ा किर्राही गांव में मंदिर का निर्माण कराया था। जिसमें श्रीरामजानकी, लक्ष्मण की अष्टधातु की मूर्तियां बेशकीमती मूर्तियां स्थापित कराईं थीं। विरासत में मंदिर का महंत सुवेशचंद्र अवस्थी को बनाया गया था। मंदिर के महंत ने गांव के ही बाबूराम पुत्र रामरतन को पूजा पाठ की जिम्मेदारी दी थी। वहीं मंदिर के कल्लू कुलश्रेष्ठ ने 22 बीघा जमीन भी दान में दी थी। चोरी गई कीमत ग्रामीणों ने लाखों रुपयों की बताई हैं।
डकैतों के समय भी रहा मंदिर सुरक्षित
ग्रामीण राजेंद्र कुलश्रेष्ठ व कमलेश का कहना है कि गांव के आसपास पूर्व में दस्यु निर्भय गूजर, श्रीराम, लालाराम, फूलनदेवी सहित अन्य गैंग रहे पर लूट डकैती जैसी मंदिर में कोई घटना नहीं हुई और मंदिर उस समय सुरक्षित रहा। अब चोरों ने मूर्तियां चोरी कर पुलिस को खुली चुनौती दी है।

मंदिर में जांच पड़ताल करती फॉरेंसिक टीम- फोटो : ORAI

सिरसा कलार थाने में मंदिर के पुजारी से पूछताछ करते सीओ सुबोध गौतम- फोटो : ORAI

राम जानकी मंदिर कोड़ा किर्राही में पहले से विराजमान मूर्तियां फाइल फोटो- फोटो : ORAI

मंदिर के बाहर ग्रामीणों से जानकारी लेते थानाध्यक्ष सौरव सिंह- फोटो : ORAI

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