उरई। शहर या आसपास का क्षेत्र, जिले के अंदर अवैध स्टैंडों पर रोक नहीं लग पा रही है। आए दिन सवारियों से मारपीट और वाहन चालकों के बीच झगड़े आम होते जा रहे हैं। अवैध स्टैंड संचालकों को न तो प्रशासन का खौफ है और न ही कानून का डर। दो महीने में कई घटनाएं सामने आ चुकी हैं। कहीं वाहन चालक आपस में भिड़ गए तो कहीं सवारियों से मारपीट कर दी गई। हाल की 29 अगस्त को हुई घटना भी इसमें शामिल है। इसके बावजूद अवैध स्टैंड का संचालन नहीं रुका।
मरघर पर संचालित स्टैंड, जहां एआरएम से तक हो चुकी अभद्रता
शहर का बस स्टैंड और मरघट के पास संचालित अवैध स्टैंड वर्षों से चल रहा है। यहां कई बार एआरएम से विवाद और अभद्रता तक हो चुकी है। उन्हें खुद पुलिस बुलानी पड़ी थी। जब उन्होंने चार्ज लिया तो एक महीने तक विवाद चलता रहा और वीडियो भी वायरल हुए। कुछ दिनों के लिए अवैध स्टैंड बंद हुआ, लेकिन फिर से संचालन शुरू हो गया। अब तक मरघट तक गाड़ियां खड़ी हो रही हैं, जिससे सड़कें पूरी तरह जाम हो जाती हैं। वाहन मनमर्जी से मोड़ दिए जाते हैं। इससे हादसों की संख्या भी बढ़ रही है। सुबह हो या शाम, यहां जाम आम दृश्य है। एआरएम ने इस समस्या को लेकर डीएम से शिकायत भी की थी, लेकिन कार्रवाई केवल खानापूरी बनकर रह गई।
कालपी बस स्टैंड, पास में कोर्ट और पुलिस कर्मी, फिर भी नहीं अव्यवस्था
कालपी बस स्टैंड तो अब अवैध स्टैंड का दूसरा नाम बन चुका है। यहां सड़क तक ऑटो खड़े रहते हैं। एक-दो नहीं, बल्कि 10 से 12 ऑटो रोजाना सड़क घेर लेते हैं। सवारियों को बैठाने को लेकर झगड़े तक हो जाते हैं। हैरानी की बात है कि आसपास पुलिसकर्मी और कोर्ट मौजूद होने के बावजूद जिम्मेदारों ने कभी कोई ठोस कदम नहीं उठाया। यहां सुबह से देर रात तक ऑटो का जमावड़ा लगा रहता है। व्यवस्थित रूप से केवल 4-5 ऑटो खड़े किए जा सकते हैं, लेकिन मनमानी के चलते अवैध स्टैंड खुलेआम चल रहा है।
जिला परिषद के पास अफसरों की नाक के नीचे चल रहा अवैध स्टैंड
जिला परिषद और जालौन चौराहा भी अवैध स्टैंड का गढ़ बन गए हैं। जिला परिषद के पास पहले बस स्टैंड था, जिसे प्रशासन ने बंद कर दिया और बसों का प्रवेश रोक दिया। इसके बाद धीरे-धीरे ऑटो चालकों ने यहां अवैध स्टैंड बना लिया। अब यहां रोज 30 से 35 ऑटो खड़े रहते हैं। जब तक सवारियां नहीं बैठतीं, यह हटते नहीं हैं। रोजाना जाम की समस्या गंभीर रूप से बढ़ रही है। सबसे खास बात यह है कि जिले के बड़े अधिकारियों के कार्यालय भी महज 50 कदम की दूरी पर हैं, लेकिन उन्हें यह समस्या नजर ही नहीं आती। दूसरी ओर जालौन चौराहे पर भी वाहनों की संख्या लगातार बढ़ रही है और चारों तरफ खड़े वाहन यातायात को प्रभावित कर रहे हैं।
समय-समय पर अभियान चलाकर कार्रवाई की जाती है। अगर अवैध स्टैंड संचालित हो रहा है तो कार्रवाई की जाएगी।
- वीर बहादुर सिंह, यातायात प्रभारी
फोटो- 15 सड़क के दोनों तरफ खड़े वाहन।संवाद
फोटो- 15 सड़क के दोनों तरफ खड़े वाहन।संवाद